मंत्री आतिशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों के खिलाफ जांच के दिए आदेश

. आतिशी ने कहा कि बड़े स्तर पर ‘‘प्रक्रियागत अनियमितताएं’’ हुई हैं और कॉलेजों ने दिल्ली सरकार की मंजूरी के बिना 1,897 कर्मचारियों (939 शिक्षक और 958 गैर शैक्षणिक कर्मी) को नियुक्त किया है.

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नई दिल्ली:

दिल्ली की उच्च शिक्षा मंत्री आतिशी ने शनिवार को सचिव (उच्च शिक्षा) को दिल्ली विश्वविद्यालय के सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों में कथित अनियमितताओं की जांच करने का निर्देश दिया. आतिशी ने कहा कि बड़े स्तर पर ‘‘प्रक्रियागत अनियमितताएं'' हुई हैं और कॉलेजों ने दिल्ली सरकार की मंजूरी के बिना 1,897 कर्मचारियों (939 शिक्षक और 958 गैर शैक्षणिक कर्मी) को नियुक्त किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘बड़े स्तर पर प्रक्रियागत अनियमितताएं सामने आई हैं. कॉलेजों ने दिल्ली सरकार की मंजूरी के बिना 1,897 कर्मचारियों (939 शिक्षक और 958 गैर शैक्षणिक कर्मियों) को नियुक्त किया, जो स्पष्ट रूप से स्थापित सरकारी प्रक्रियाओं और नियमों का उल्लंघन है.''

मंत्री ने सचिव को अवैध पद सृजित करने के लिए जिम्मेदार प्राचार्यों और अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसमें अवैध रूप से नियुक्त कर्मचारियों को 2015 से दिए गए वेतन की वसूली भी शामिल है.

मंत्री ने कहा, ‘‘इन कॉलेजों को सरकारी खजाने से वित्त पोषित किया जाता है और इसलिए, धन के किसी भी दुरुपयोग के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.'' आतिशी ने कहा कि अनियमितताओं में सरकारी खजाने से सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करना भी शामिल है.

उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा और स्वच्छता कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के ठेके सामान्य वित्तीय और लेखा मानदंडों का पालन किए बिना निष्पादित किए गए.''

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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