माता के भक्तों के लिए खुशखबरी, बर्फबारी से रुकी वैष्णो देवी यात्रा 8 घंटे बाद फिर शुरू

कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश से सूखा खत्म हो गया है. यहां तक कि तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण वैष्णो देवी यात्रा को आठ घंटे रोकना पड़ा, जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है.

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  • जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश ने लंबे समय से जारी सूखे का दौर समाप्त कर दिया है
  • माता वैष्णो देवी मंदिर क्षेत्र में पहली बर्फबारी के कारण यात्रा सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोकी गई थी
  • बडगाम, शोपियां, गुलमर्ग, कुपवाड़ा और करनाह घाटी में भारी बर्फबारी से पर्यटक कारोबारियों में उत्साह देखा गया है
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जम्मू:

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से जारी सूखे के बाद आखिरकार कश्मीरियों की दुआ कबूल हो गई है. हाल के दिनों में हुई भारी बर्फबारी और बारिश ने सूखे का दौर पूरी तरह खत्म कर दिया है. बर्फबारी से जहां लोगों को राहत मिली है, वहीं तूफान, तेज़ हवाओं और बारिश ने कई इलाकों में नुकसान भी पहुंचाया है. खराब मौसम की वजह से माता वैष्णो देवी यात्रा को सुरक्षा कारणों से करीब आठ घंटे के लिए अस्थायी रूप से रोक दिया गया था. हालांकि अब यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई है.

वैष्णो देवी में पहली बर्फबारी

इस बीच रियासी जिले में क्षेत्र में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे त्रिकुटा पहाड़ियां सफेद चादर में ढक गईं. बर्फबारी के चलते मार्ग फिसलन भरा हो गया, इसलिए सुरक्षा को देखते हुए यात्रा को रोका गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया. भद्रवाह, पटनीटॉप, सनासर और बटोट में हुई बर्फबारी से पर्यटन कारोबारियों में गजब का उत्साह है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

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कश्मीर में कहां कितनी बर्फ गिरी

जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग जिलों में बर्फबारी की मात्रा अलग-अलग रही. मध्य कश्मीर के बडगाम में सबसे अधिक बर्फ गिरी. पाखरपोरा में डेढ़ से दो फीट और चरार-ए-शरीफ में करीब डेढ़ फीट बर्फ दर्ज की गई. यहां तक कि श्रीनगर एयरपोर्ट के आसपास 3 से 4 इंच बर्फ पड़ी, जबकि शहर के अंदरूनी हिस्सों में बर्फ कम रही. दक्षिण कश्मीर का शोपियां जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां मैदानी इलाकों में 1.5 से 2.5 फीट और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4 फीट तक बर्फ दर्ज की गई. गुलमर्ग, कुपवाड़ा और करनाह घाटी के ऊंचे हिस्सों में भी भारी बर्फबारी हुई.

तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलीं. शोपियां में हवा की रफ्तार 155 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है. जम्मू, पुंछ, रियासी और श्रीनगर के इलाकों में भी तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया. जम्मू संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया.

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फिर बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग ने 26 जनवरी की रात से मौसम के एक बार फिर बिगड़ने की आशंका जताई है. 27 जनवरी तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है. कुछ ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की भी चेतावनी जारी की गई है.

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