मानवेन्द्र सिंह का परिवार के साथ विवाद? वायरल वीडियो पर चुप्पी, उठ रहे सवाल

जसवंत सिंह के निधन के बाद, मानवेन्द्र सिंह को उनके पिता की राजनीतिक विरासत और जनसमर्थन का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जा रहा था. लेकिन परिवार में आई यह दरार उस राजनीतिक विरासत को प्रभावित कर सकती है. सोशल मीडिया पर एक बयान सामने आया है, जिसकी परिवार ने पुष्टि नहीं की है.

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जोधपुर:

सोशल मीडिया पर राजस्थान में एक वीडियो को लेकर काफी चर्चा हो रही है. इसमें पश्चिमी राजस्थान के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार में कथित तौर पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं. यह परिवार पूर्व विदेश मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे जसवंत सिंह का है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो उस घटना का है, जिसमें स्वर्गीय जसवंत सिंह की पत्नी शीतल कंवर का अपने बेटे, पूर्व सांसद और बीजेपी नेता मानवेन्द्र सिंह जसोल के साथ जोधपुर के पावटा रोड स्थित उनके आवास पर पिछले सप्ताह सार्वजनिक रूप से विवाद हो गया.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की NDTV पुष्टि नहीं करता. इसमें हल्के लैवेंडर रंग की ड्रेस पहनी एक महिला गेट के अंदर खड़ी दिखाई देती है, जो दूसरी तरफ एक पुरुष से बहस कर रही है. गेट बंद है और महिला उस व्यक्ति को अंदर आने से मना कर रही है. वह व्यक्ति कहता है कि वह अपना सामान लेकर चला जाएगा, लेकिन महिला उसे अंदर आने नहीं देती.

वीडियो के आखिरी हिस्से में गेट के दूसरी तरफ पूर्व बाड़मेर सांसद मानवेन्द्र सिंह दिखाई देते हैं. माना जा रहा है कि कैमरे की ओर पीठ किए खड़ी महिला उनकी मां शीतल कंवर हैं, जो मारवाड़ी में अपने बेटे से कहती हैं, ‘मैं अंदर नहीं जाऊंगी और तुम्हें भी अंदर नहीं आने दूंगी'. उनके साथ खड़े उनके पोते हमीर मानवेन्द्र सिंह के बेटे हैं. वे महिला को शांत करने की कोशिश करते नजर आते हैं, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रहती हैं.

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यह पारिवारिक विवाद पश्चिमी राजस्थान के सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें मानवेन्द्र सिंह के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े नेताओं में से एक रहे  जसवंत सिंह की राजनीतिक विरासत जुड़ी हुई है. 

NDTV वायरल लेटर की पुष्टि नहीं करता है

जसवंत सिंह 1980 से 2009 के बीच लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 9 बार सांसद रहे. वह विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके थे. मानवेन्द्र सिंह ने भी अपने पिता के राजनीतिक क्षेत्र बाड़मेर का प्रतिनिधित्व किया है. वह यहां से सांसद रहे और साथ ही शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं, जो बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत ही है.

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जसवंत सिंह के निधन के बाद, मानवेन्द्र सिंह को उनके पिता की राजनीतिक विरासत और जनसमर्थन का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जा रहा था. लेकिन परिवार में आई यह दरार उस राजनीतिक विरासत को प्रभावित कर सकती है. सोशल मीडिया पर एक बयान सामने आया है, जिसकी परिवार ने पुष्टि नहीं की है. इसमें कहा गया है कि जसवंत सिंह की पत्नी शीतल कंवर, उनके भाई भूपेंद्र सिंह जसोल, उनके बेटे हमीर सिंह जसोल और बेटी हर्षिणी ने मानवेन्द्र सिंह की हाल ही में हुई दूसरी शादी से दूरी बना ली है, क्योंकि यह शादी परिवार की सहमति के बिना हुई है.

मानवेन्द्र सिंह ने 30 जनवरी 2024 को एक सड़क दुर्घटना में अपनी पत्नी चित्रा सिंह को खो दिया था. उस समय उनका बेटा हमीर भी कार में उनके साथ था. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अलवर के पास कार का नियंत्रण खो गया था, जिसमें हमीर और मानवेन्द्र घायल हो गए, लेकिन चित्रा सिंह की दुर्घटना में मृत्यु हो गई. दो साल बाद मानवेन्द्र सिंह की कथित दूसरी शादी अब परिवार के बीच विवाद का कारण बनती दिखाई दे रही है. मानवेन्द्र सिंह ने NDTV से कहा कि वह इस विषय पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते. अब तक पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है.
मानवेन्द्र सिंह के परिवार से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. हालांकि बाड़मेर में इस पारिवारिक विवाद ने उनके राजनीतिक समर्थकों और सोशल मीडिया फॉलोअर्स को भी दो हिस्सों में बांट दिया है. हाल के दिनों में मानवेन्द्र सिंह अपने निर्वाचन क्षेत्र में निजी कार्यक्रमों में शामिल होते और समर्थकों से मिलते नजर आए हैं.

अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी इस मुद्दे पर मतभेद हैं. जिन लोगों से NDTV ने बात की, उनमें से कई ने इसे निजी मामला बताया, लेकिन चर्चा और सोशल मीडिया पोस्ट लगातार जारी हैं. स्पष्ट है कि जिस परिवार ने लंबे समय तक पश्चिमी राजस्थान की राजनीति पर प्रभाव बनाए रखा, उसके लिए अब निजी मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है.

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