मुंबई: मुझे अंदाजा नहीं था कि वो मर जाएगा, मलाड लोकल में मर्डर करने वाले का कबूलनामा

मुंबई लोकल ट्रेन में लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की हत्या के बाद GRP ने हाई‑टेक जांच करते हुए सिर्फ 12 घंटे में आरोपी ओंकार शिंदे को गिरफ्तार कर लिया.

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  • मुंबई की लोकल ट्रेन में कॉलेज लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी
  • घटना के तुरंत बाद Borivali GRP ने पांच टीमों के साथ जांच शुरू की
  • फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे की पहचान कर 12 घंटे के भीतर गिरप्तार कर लिया
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मुंबई:

मुंबई लोकल ट्रेन में कॉलेज लेक्चरर की चाकू मारकर हत्या के मामले में रेलवे पुलिस ने तेज़ और हाई-टेक कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया. इस ऑपरेशन में करीब सेकड़ों सीसीटीवी कैमरों, फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर और पांच अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया था. यह पूरी कार्रवाई Borivali Government Railway Police ने की. मामला मलाड रेलवे स्टेशन का है, जहां शनिवार को चलती लोकल ट्रेन से उतरते वक्त हुए विवाद में 32 वर्षीय कॉलेज लेक्चरर आलोक कुमार सिंह की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी.

घटना के तुरंत बाद GRP ने मर्डर का केस दर्ज किया और जांच को तेज़ कर दिया. पुलिस ने 5 टीमें बनाई, हर टीम में 5 से 6 अधिकारी शामिल थे. जांच के दौरान रेलवे प्लेटफॉर्म, स्टेशन के बाहर और आसपास के इलाकों में लगे सेकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. पुलिस ने आरोपी के भागने के पूरे रास्ते को ट्रैक किया. स्टेशन से लेकर Western Express Highway तक की मूवमेंट को कैमरों के ज़रिए जोड़ा गया.

जांच में सामने आया कि आरोपी ओंकार एकनाथ शिंदे रोज़ाना एक तय रूटीन पर सफर करता था. पुलिस के मुताबिक, वह सुबह 7:18 बजे मालाड से ट्रेन पकड़ता और शाम 4:16 बजे चर्नी रोड से लौटता था. इसी पैटर्न के आधार पर GRP की टीमों ने अंधेरी, बांद्रा, मुंबई सेंट्रल, साथ ही डिंडोशी और कुरार इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले.

इस दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला आरोपी को कुरार गांव के त्रिवेणी नगर इलाके में सीसीटीवी कैमरे में देखा गया. इसके बाद स्थानीय सूत्रों को सक्रिय किया गया और एक टीम को आरोपी की रोज़मर्रा की गतिविधियों को देखते हुए मालाड ऑटो-रिक्शा स्टैंड के पास तैनात किया गया. हालांकि पुलिस को यह भी शक था कि रविवार होने के कारण आरोपी बाहर न निकले, लेकिन निगरानी जारी रखी गई. रविवार सुबह करीब 7:40 बजे, शिंदे एक ऑटो-रिक्शा से मालाड स्टेशन के पास उतरता दिखा. मौके पर तैनात टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया और बोरीवली स्थित GRP कार्यालय ले जाया गया.

पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी को सीसीटीवी फुटेज दिखाया, जिसमें वारदात के बाद फुट ओवरब्रिज से भागता हुआ शख्स नजर आ रहा था. आरोपी ने खुद को पहचान लिया और हत्या की बात कबूल कर ली.

आरोपी ने क्या कहा?

इंटरोगेशन में शिंदे ने बताया कि वह अपने पास रखे चिमटी जैसे नुकीले औज़ार को लेकर ट्रेन से उतर रहा था. इसी दौरान आलोक कुमार सिंह से उसका विवाद हुआ और गुस्से में उसने पेट में वार कर दिया. आरोपी का कहना है कि उसे अंदाज़ा नहीं था कि चोट जानलेवा साबित होगी और यात्रियों से पिटाई के डर से वह वहां से भाग गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिंदे मालाड (पूर्व) के कुरार गांव, त्रिवेणी नगर में अपने माता-पिता और बड़े भाई के साथ रहता है. उसके पिता दिल के मरीज हैं, मां गृहिणी हैं और भाई एक निजी कंपनी में काम करता है. आरोपी ग्रांट रोड के तांबे गली इलाके में नकली ज्वेलरी की छोटी दुकान चलाता था और मूल रूप से रत्नागिरी का रहने वाला है.

मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर ली गई है और आरोपी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. शिंदे को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 29 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.फिलहाल पुलिस आरोपी से गहराई से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात सिर्फ तात्कालिक गुस्से का नतीजा थी या इसके पीछे कोई और वजह भी छिपी है.

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