राजस्थान कांग्रेस में बड़े बदलाव की संभावना, मिल सकता है नया प्रदेश अध्यक्ष

राजस्थान दौरे पर राहुल गांधी ने अपनी इस यात्रा के दौरान अशोक गहलोत से कोई अलग से मुलाकात नहीं की और ना ही गहलोत किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
राहुल गांधी ने किया राजस्थान दौरा

राजस्थान के पुष्कर में जब प्रशिक्षण शिविर में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल होने पहुंचे तब हवाई अड्डे पर कई कांग्रेस के नेता पहुंचे थे जिसमें प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली भी थे. इसका अलावा वहां पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने डोटासरा और जूली को देखकर कहा है राजस्थान में आपलोग मिलजुल कर काम कर रहे यह बहुत अच्छा है.

राहुल गांधी का यह बात राजस्थान की धरती पर कहना बहुत मायने रखता है क्योंकि इसी राज्य में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की झगड़े की वजह से चुनाव हार गई थी. यह भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने अपनी इस यात्रा के दौरान अशोक गहलोत से कोई अलग से मुलाकात नहीं की और ना ही गहलोत किसी भी बैठक में शामिल नहीं हुए. पुष्कर के प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी ने सभी नेताओं से एकजुट होने का संदेश दिया और कहा कि आपसी खींचतान संगठन को कमजोर करती है.

इस बारे में एनडीटीवी ने गोविंद सिंह डोटासरा से बात की तो उन्होंने कहा कि ये हमारे लिया अच्छा है कि राहुल गांधी हमारे लिए यह बात कर रहे हैं. ऐसा सभी राज्यों में होना चाहिए. जब हमने डोटासरा से पूछा कि राजस्थान  में गहलोत और पायलट की झगड़े की वजह से पार्टी को बहुत नुकसान हुआ तो उन्होंने कहा कि कब क्या हुआ उसका इससे कोई संबंध नहीं है. कल वाले एपिसोड को आप उस समय की घटना से जोड़ कर मत देखिए. हम यहां पर सभी बड़े नेताओं को साथ लेकर चल रहे हैं.

पुष्कर में हुई बैठक के बाद क्या होगा बड़ा बदलाव

मगर राजस्थान से खबर ये नहीं है असली खबर है कि पुष्कर की बैठक में कई कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से कहा कि पार्टी को युवा नेतृत्व पर अधिक भरोसा जताना चाहिए और यदि राजस्थान में कांग्रेस को दुबारा सत्ता में आना है तो युवा चेहरों को अधिक ज़िम्मेदारी सौंपनी होगी. युवा नेताओं को निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण जगह देनी पड़ेगी. राजस्थान में हालत ये है कि गोविंद सिंह डोटासरा की नियुक्ति 2020 में अशोक गहलोत ने की थी और वो भी सचिन पायलट को हटाकर. अब डोटासरा पिछले छह साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और चर्चा ये भी है कि राहुल गांधी राजस्थान के पार्टी संगठन में फेरबदल करने वाले हैं.

Advertisement

राजस्थान में क्या होगा कांग्रेस का अगला कदम

कांग्रेस दफ्तर 24 अकबर रोड पर हो रही चर्चाओं पर नजर डाले तो चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर राजस्थान में सचिन पायलट या उनके किसी करीबी को राजस्थान में अध्यक्ष बनाया जा सकता है. मीणा समुदाय के किसी नेता को भी अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है. दरअसल राहुल गांधी को तय करना है कि सचिन पायलट की राजस्थान में क्या भूमिका होगी, क्योंकि वह अभी छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं .साथ ही राहुल गांधी को अशोक गहलोत की भूमिका भी तय करनी होगी, क्या गहलोत राजस्थान में ही रहेंगे या उनको दिल्ली मुख्यालय में कोई पद दिया जाएगा.

पिछले दिनों राहुल गांधी जने जिस तरह से केरल और कर्नाटक को लेकर जिस तरह से फैसले लिए है कई लोगों का मानना है कि राजस्थान का फैसला भी नए दिशा में ले जाने वाला होगा.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः राजेंद्र राठौड़ या सतीश पूनिया, राज्यसभा में किसे मिलेगा मौका? विजय बैंसला और अलका गुर्जर के नाम की भी चर्चाएं

Featured Video Of The Day
Ghaziabad Surya Murder Case: असद एनकाउंटर के बाद खोड़ा में CM Yogi का 'ऑपरेशन दुर्जन'!