- महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों में पर्चा वापसी के अंतिम दिन महायुति के 24 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए
- जलगांव महानगरपालिका में तो बीजेपी और शिवसेना के छह-छह उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया
- इसके अलावा भिवंडी और धुले में बीजेपी ने जीत का चौका लगाया है. पुणे और अहिल्यानगर में भी खाता खोल लिया है
महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनावों के लिए मतदान में अभी वक्त है, लेकिन महायुति की जीत की आंधी अभी से चलने लगी है. जलगांव चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने इतिहास रचते हुए 6-6 सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है. इसके अलावा भिवंडी व धुले में 4-4 और पुणे व अहिल्यानगर में एक-एक प्रत्याशी को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया है. वोटिंग से पहले ही मिली इस जीत से गठबंधन में जश्न का माहौल है. हालांकि सोलापुर में विवाद और हंगामा भी देखने को मिला.
जलगांवः BJP और शिंदे सेना के 6-6 जीते
जलगांव महानगरपालिका में नामांकन वापसी के अंतिम दिन 12 उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया, जिनमें भाजपा के 6 और शिवसेना (शिंदे गुट) के 6 प्रत्याशी शामिल हैं. कई प्रभागों में शिवसेना (ठाकरे गुट), NCP (शरद पवार गुट) और MNS के उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिससे महायुति की राह आसान हो गई.
निर्विरोध जीते प्रमुख उम्मीदवारों में बीजेपी से दीपमाला काले (प्रभाग 7A), डॉ. वीरेन खडके (प्रभाग 16A), उज्वला बेंडाले और विधायक सुरेश भोले के बेटे विशाल भोले शामिल हैं. वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से सागर सोनवणे (प्रभाग 2A), गौरव सोनवणे, मनोज चौधरी और प्रतिभा देशमुख को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया है. इस एकतरफा जीत के बाद महानगरपालिका कार्यालय के बाहर बीजेपी और शिवसेना कार्यकर्ताओं ने गुलाल उड़ाकर और आतिशबाजी कर जोरदार जश्न मनाया.
भिवंडीः अब तक बीजेपी के 4 कैंडिडेट जीते
भिवंडी महानगरपालिका चुनाव में भी बीजेपी ने मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है. यहां नामांकन प्रक्रिया खत्म होने तक अब तक पार्टी के 4 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित किए जा चुके हैं. अब प्रभाग क्रमांक 18 से दीपा दीपक मढवी और अश्विनी सन्नी फुटाणकर ने जीत दर्ज की, जबकि प्रभाग क्रमांक 16 से परेश (राजू) चौघुले का रास्ता साफ हो गया. इस सफलता के बाद बीजेपी खेमे में ढोल-नगाड़ों के साथ जबरदस्त जश्न मनाया गया. चुनाव से पहले ही इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों की जीत ने बीजेपी खेमे में उत्साह भर दिया है. कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ इस सफलता का जश्न मनाया.
धुलेः बीजेपी ने लगाया जीत का चौका
धुले महानगरपालिका चुनाव में भी बीजेपी ने वोटिंग से पहले ही जीत का चौका लगा दिया है. अब तक चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं. कल तीन उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद, शुक्रवार को नामांकन वापसी के आखिरी दिन प्रभाग क्रमांक 17 से अमोल मासुले भी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. इस जीत से गदगद मंत्री जयकुमार रावल ने दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवार खुद फोन करके पीछे हट रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि निर्विरोध जीत का आंकड़ा अभी और बढ़ेगा.
पुणेः BJP ने निर्विरोध जीत से खाता खोला
पुणे महानगरपालिका चुनाव में भी बीजेपी ने जीत का खाता खोल दिया है. वोटिंग से पहले ही प्रभाग क्रमांक 35 से बीजेपी उम्मीदवार मंजुषा नागपुरे ने निर्विरोध जीत हासिल कर ली है. नामांकन वापसी के अंतिम दिन उनके विरोध में खड़े उम्मीदवारों के हटने से उनकी निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हुआ. पुणे में बीजेपी की यह पहली सफलता है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है.
अहिल्यानगर: बीजेपी को मिली पहली जीत
अहिल्यानगर महानगरपालिका चुनाव में भी मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है. प्रभाग क्रमांक 7 (ब) से भाजपा उम्मीदवार पुष्पा अनिल बोरुडे निर्विरोध निर्वाचित घोषित की गई हैं. शिवसेना (शिंदे गुट) की उम्मीदवार श्रद्धा रवींद्र वाकले और निर्दलीय प्रत्याशी कविता दीपक खेडकर ने अपने नामांकन वापस लेने से उनकी जीत का रास्ता साफ हुआ. अहिल्यानगर के चुनाव में पुष्पा बोरुडे जीत का खाता खोलने वाली भाजपा की पहली महिला उम्मीदवार बन गई हैं. उनकी निर्विरोध जीत से उत्साहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और नारेबाजी करते हुए जश्न मनाया.
जलगांवः फूट-फूटकर रोए दादा-पोते
जलगांव में उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जब प्रभाग क्रमांक 13 से निर्दलीय मंगला बारी और उनके पोते नामांकन वापस लेते समय फूट-फूटकर रो पड़े. बीजेपी से टिकट न मिलने के कारण उन्होंने बगावत की थी, लेकिन भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण के आश्वासन और मान-मनौव्वल के बाद उन्होंने भारी मन से अपना पर्चा वापस ले लिया. नामांकन वापसी के समय मंगला बारी और उनके पोते अपने आंसू नहीं रोक पाए. मंगला बारी ने मीडिया से कहा कि उन पर पर्चा वापस लेने का किसी तरह का कोई दबाव नहीं है. बताया जा रहा है कि भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण ने उन्हें पार्टी में पद देने का आश्वासन दिया है.
सोलापुरः बीजेपी-शिंदे सेना में नोकझोंक
नामांकन वापसी के आखिरी दिन सिर्फ जश्न ही नहीं, बल्कि तनाव भी देखने को मिला. सोलापुर के प्रभाग संख्या 3 में बीजेपी उम्मीदवार राजू पाटिल और शिवसेना (शिंदे गुट) के सुरेश पाटिल के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई. विवाद तब शुरू हुआ, जब बीजेपी उम्मीदवार पाटिल एक निर्दलीय प्रत्याशी का पर्चा वापस कराने की कोशिश कर रहे थे. शिवसेना उम्मीदवार सुरेश पाटिल के समर्थकों ने यह कहते हुए उन्हें रोकने का प्रयास किया कि दोपहर के 3 बज चुके हैं और समय सीमा समाप्त हो गई है.
इस दौरान राजू पाटिल की पुलिस के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई. भाजपा उम्मीदवार का दावा था कि समय खत्म होने में 3 मिनट बाकी थे, लेकिन उन्हें जानबूझकर रोका गया. गहमागहमी के बीच राजू पाटिल ने प्रशासन पर नाराजगी जाहिर की और अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है.














