लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर 9 मार्च को होगी चर्चा, इस आधार पर हो रही मांग

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने से जुड़े विपक्ष के प्रस्ताव में मुख्य रूप से हाल की चार घटनाओं का ज़िक्र किया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन 9 मार्च को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी
  • कांग्रेस सांसदों ने ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए 4 विवादित घटनाओं को आधार बनाया है
  • लोकसभा में प्रस्ताव पर पहले चर्चा होगी, फिर उसी दिन वोटिंग हो सकती है. बीजेपी ने व्हिप जारी किया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होना है, और पहले ही दिन लोकसभा में हंगामा देखने को मिल सकता है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने से जुड़े विपक्ष के प्रस्ताव पर सोमवार को ही लोकसभा में चर्चा होने की संभावना है. लोकसभा सचिवालय की ओर से 9 मार्च के लिए जो कार्यसूची जारी की गई है, उसके मुताबिक़ उस दिन प्रश्नकाल के अलावा केवल इस प्रस्ताव पर चर्चा से जुड़ी कार्यवाही को ही शामिल किया गया है. 

कांग्रेस सांसद पेश करेंगे प्रस्ताव

कार्यसूची के मुताबिक, कांग्रेस सांसद मो जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि इस प्रस्ताव को पेश करेंगे. प्रस्ताव में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि स्पीकर के कुछ फ़ैसलों से सदन के सुचारु रूप से संचालन को खतरा पैदा हो गया है. प्रस्ताव में मुख्य रूप से हाल की चार घटनाओं का ज़िक्र किया गया है-

इन घटनाओं को बनाया आधार

  • विपक्ष के नेता राहुल गांधी और विपक्ष के बाक़ी नेताओं को बोलने नहीं देना.
  • विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित और अकारण ही आरोप लगाना.
  • लोकहित के मुद्दे उठाने वाले विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करना.
  • सत्तारूढ़ दल के सांसदों को पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करने से नहीं रोकना. 

स्पीकर पर ये आरोप लगा रहा विपक्ष

इन घटनाओं का जिक्र करते हुए ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि स्पीकर ज़्यादातर विवादित मुद्दों पर सत्तापक्ष के सांसदों का साथ देते हैं. ये भी कहा गया है कि स्पीकर विपक्ष के अधिकारों का संरक्षण नहीं करते हैं और गैर पक्षपाती रवैया नहीं अपनाते हैं, जो सदन के सभी पक्षों का विश्वास हासिल करने के लिए ज़रूरी है. 

पहले चर्चा, फिर वोटिंग हो सकती है

नियमानुसार प्रस्ताव पेश करने के लिए पहले सदन की अनुमति ली जाएगी. अनुमति मिलने के बाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा और उसके बाद उस पर चर्चा करवाई जाएगी. चर्चा के बाद आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग करवाई जा सकती है. 9 मार्च को ही प्रस्ताव पर वोटिंग की संभावना है. चूंकि लोकसभा में सरकार के पास बहुमत है, लिहाज़ा प्रस्ताव पारित होने की संभावना नहीं है. बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 9 और 10 मार्च के लिए व्हिप जारी किया है और सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है.

Advertisement

बजट सत्र के पहले भाग में लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने का नोटिस दिया गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया. प्रस्ताव पेश करने के समर्थन में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी को छोड़कर तमाम विपक्षी पार्टियों ने हस्ताक्षर किए थे. 

देखें- संसद का बजट सत्र: BJP ने लोकसभा के अपने सभी सांसदों के लिए क्यों जारी किया व्हिप, जान लीजिए

Advertisement
Featured Video Of The Day
Amit Shah Lok Sabha Speech: परिसीमन में क्या दक्षिण भारत की सीटें हो जाएगी कम? अमित शाह ने बताया