- वित्त मंत्री ने बजट में MSME सेक्टर के लिए दस हजार करोड़ रुपये का विशेष ग्रोथ फंड घोषित किया है.
- भारत को बायो हेल्थ हब बनाने के लिए बायोफार्मा शक्ति मिशन के तहत पांच हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे.
- खनिज संपन्न राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर विकसित कर खनन, प्रोसेसिंग और रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का आम बजट 2026 पेश किया. यूनियन बजट 2026-27 में उन्होंने 'दिल में लोकल, दिमाग में ग्लोबल' का परफेक्ट बैलेंस दिखाया. उन्होंने किसान, युवा, गरीब और महिलाओं के लिए लोकल सपनों को मजबूत करते हुए मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और इनोवेशन से ग्लोबल लीडरशिप की नींव रखी.इस बजट में लोकल स्तर से ग्लोबल लेवल पर देश की चमक को बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया. बजट में वित्त मंत्री ने ऐसे कई तोहफे दिए हैं, जिससे न सिर्फ लोकल स्तर पर देश को फायदा होगा, बल्कि उनके जरिए देश ग्लोबल स्तर पर तरक्की करेगा.
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MSME सेक्टर से चमकेगा इंडिया
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए बड़े कदमों का ऐलान किया. देश की आर्थिक शक्ति सिर्फ बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे और उभरते उद्योगों से बनती है. इस बात पर खास ध्यान देते हुए वित्त मंत्री ने MSME सेक्टर के लिए विशेष फंड, इंसेंटिव और नई सहायता योजनाओं का ऐलान किया है. MSME ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान किया गया है, इस फंड के जरिए उभरते उद्योगों को पूंजी मुहैया होगी, ताकि वे विस्तार, मशीनरी, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें. सरकार ने इन फंड्स को इस तरह से डिजाइन किया गया है, ताकि छोटे उद्योगों की रफ्तार देश की ग्रोथ का इंजन बने. इन उद्योगों के जरिए देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगा.
बायोफार्मा शक्ति: भारत बनेगा ‘बायो हेल्थ हब'
सरकार ने आने वाले 5 सालों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से बायोफार्मा शक्ति' मिशन शुरू करने का ऐलान बजट में किया है. इसका मकसद भारत को किफायती जैविक दवाओं के उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाना है. इसके तहत सरकार 3 नए राष्ट्रीय बायोफार्मास्युटिकल शिक्षा औरअनुसंधान संस्थान (NIPER) खोलेगी, वहीं 7 मौजूदा संस्थान अपग्रेड होंगे. 1000 से ज्यादा क्लीनिकल ट्रायल साइटों का नेटवर्क और दवा अनुमोदन के लिए सुदृढ़ वैज्ञानिक समीक्षा प्रणाली तैयार की जाएगी. इससे भारत की 'बायो इकॉनमी' को नई रफ्तार मिलेगी.
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: चिप निर्माण को मिलेगी नई उड़ान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 1.0 ने देश में इस उद्योग की नींव रखी थी. अब दूसरा चरण यानी ISM 2.0 उपकरण निर्माण, रॉ मटीरियल उत्पादन और डिजाइन क्षमता को मजबूत करेगा.
अप्रैल 2025 में शुरू हुई 22,919 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम पहले ही दुगुना निवेश आकर्षित कर चुका है. इस स्पीड को बरकरार रखते हुए बजट में इसका खर्च 400 करोड़ रु. बढ़ाने की घोषणा हुई है. इसका लक्ष्य भारत को चिप उत्पादन और डिजाइन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनाना है.
रेयर अर्थ कॉरिडोर से दुनिया में बढ़ेगी साख
बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खनिज संपन्न राज्यों जैसे ओडिशा, केरल और आंध्रप्रदेश को रेयर अर्थ मिनरल की खोज को आगे बढ़ाने के लिए सपोर्ट का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत रेयर अर्थ कोरिडोर्स विकसित किए जाएंगे और रेयर अर्थ की खनन एवं रिसर्च को बढ़ावा दिया जाएगा. पिछले कुछ सालों में रेयर अर्थ मेटल को लेकर चीन की दबंगई के बाद भारत ने इस दिशा में बड़े निवेश का फैसला किया है. रेयर कॉरिडोर के जरिए खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा.
योग को मिलेगी ग्लोबल पहचान
बजट में युवाओं के लिए नए अवसर और योगा के विकास को लेकर कई ऐलान किए गए हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि देश के युवाओं के लिए कुशल करियर के नए रास्ते बनाने के मकसद से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर फोकस किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि प्राचीन भारतीय योग को दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान मिलता रहा है. लेकिन इसको बड़े स्तर पर ग्लोबल पहचान तब मिली, जब पीएम से इसे UN ले गए. उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए, कुछ और कदम भी उठाए जा रहे हैं.
किसान बढ़ेगा तो देश बढ़ेगा
सरकार ने बजट में किसानों के लिए हाई वैल्यू फसलों पर खास फोकस रखा गया है. फसलों का उत्पादन बढ़ाने और ज्यादा इनकम के लिए हाई वैल्यू उत्पादन जैसे अखरोट, काजू,नारियल, चंदन आदि को सरकार सपोर्ट करेगी. इसमें काजू को प्रीमियम ब्रांड के रूप में रखा गया है, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा. पहाड़ी इलाकों में होने वाली बादाम, अखरोट, खुबानी को भी सरकार प्रोत्साहित करेगी. वहीं चंदन की खेती और कटाई के बाद होने वाले प्रोसेस पर सरकार का खास फोकस रहेगा, जिससे चंदन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिल सके.














