राम मंदिर के गर्भ गृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख आई सामने, ऐसे होगा 'सूर्य तिलक'

उत्‍तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया है कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर के गर्भ गृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी.

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
नई दिल्‍ली:

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है. इसे लेकर राम भक्तों के बीच उत्सुकता भी बढ़ती जा रही है. इस बीच उत्‍तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया है कि 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर के गर्भ गृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को शुरू हुई, इसके बाद ही यूपी के मंत्री का ट्वीट सामने आया है. बताया जा रहा है कि रामलला की पुरानी और नई दोनों प्रतिमाओं को राम मंदिर में स्‍थापित करने की योजना है.  

अयोध्या में राम मंदिर के गर्भ गृह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी. गर्भ गृह ऐसे बनाया जा रहा है कि राम लला की मूर्ति पर राम नवमी के दिन सूर्य की किरणें अभिषेक करें. उस दिन पांच मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर रहेंगी. इसे सूर्य तिलक कहा गया है.

इससे पहले राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के लिए स्थापित ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने यह जानकारी दी थी कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह में अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर में भगवान राम लला की मूर्ति उसके मूल स्थान पर स्थापित करेंगे. 

जनवरी माह में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया था कि मंदिर निर्माण का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य संपन्न हो चुका है. मंदिर में 166 पिलर लगाए जा रहे हैं. इसमें भगवान की गर्भगृह सहित सिंह द्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, गुड़ मंडप और दोनों तरफ कीर्तन मंडप बनाया जा रहा है. 

Advertisement

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के लिए आने वाले चंदे में बहुत तेजी से वृद्धि हो रही है और निकट भविष्य में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर व्यवस्था करनी पड़ेगी. बालाजी मंदिर में सैकड़ों कर्मचारी रोजाना दान के रूप में आने वाली रकम की गिनती करते हैं.

ये भी पढ़ें :-
अयोध्या : रामलला का जलाभिषेक 155 देशों की नदियों के जल से होगा
विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में हुई राजनीतिक दलों की बैठक, बदरुद्दीन अजमल की पार्टी को नहीं दिया न्योता

Advertisement
Featured Video Of The Day
Assam Elections 2026:चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद पहली बार असम CM Himanta Biswa Sarma Exclusive
Topics mentioned in this article