केरल: यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस के पूर्व नेता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

वलसन की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर किए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उसकी बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए. अदालत ने बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता की बात सुनी.

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  • अदालत ने दलित महिला के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रशोब सी वलसन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी.
  • पुलिस ने वलसन के खिलाफ महिला की शिकायत पर नौकरी और शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था.
  • महिला ने आरोप लगाया कि वलसन ने उसे गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया था और पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया.
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पलक्कड़:

केरल की एक अदालत ने एक दलित महिला के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता प्रशोब सी वलसन की अग्रिम जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी है. मन्नारकाड में अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) संबंधी मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के न्यायाधीश जोमोन जॉन ने पलक्कड़ नगरपालिका के 24वें डिवीजन के पार्षद वलसन की अग्रिम जमानत अर्जी यह कहते हुए ठुकरा दी कि उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं.

पिछले महीने पलक्कड़ दक्षिण पुलिस ने वलसन के खिलाफ उस समय मामला दर्ज किया था, जब एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पार्षद (वलसन) ने उसे नौकरी दिलाने और उससे शादी करने का वादा करके कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया.

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे गर्भपात कराने के लिए भी मजबूर किया था. विधानसभा चुनावों के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इस मामले को उठाया था. उन्होंने दावा किया था कि वलसन कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकुटथिल के करीबी सहयोगी हैं, जो खुद इस तरह के आरोपों से घिरे हुए हैं.

वलसन की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर किए जाने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उसकी बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए. अदालत ने बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता की बात सुनी.

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अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि वलसन एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं, जो अग्रिम जमानत दिए जाने पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी पार्षद ने जांच में सहयोग नहीं किया और वह पिछले तीन हफ्तों से फरार थे.

दूसरी ओर, वलसन के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं. अदालत ने आरोपों की गंभीरता और मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वलसन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी.

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