मान गए सुधाकरन, एक फ़ोन कॉल ने रोक दी केरल कांग्रेस की बड़ी बगावत 

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सुधाकरन से बात की और कहा कि आने वाले दिनों में राहुल गांधी उनसे अलग से मुलाक़ात करेंगे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
केरल कांग्रेस में टल गई बड़ी बगावत
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कन्नूर से कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन ने कांग्रेस आलाकमान के दबाव में विधानसभा चुनाव लड़ने की जिद छोड़ दी
  • कांग्रेस ने केरलम विधानसभा चुनाव में किसी भी सांसद को टिकट न देने का निर्णय लिया था, जिससे सुधाकरन नाराज़ थे
  • मल्लिकार्जुन खरगे ने सुधाकरन को मनाया और बताया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने से पार्टी को बड़ा नुकसान होगा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

कांग्रेस आलाकमान के फ़ोन कॉल के बाद केरलम के कन्नूर से कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन ने विधानसभा चुनाव लड़ने की अपनी जिद छोड़ दी. दरअसल कांग्रेस ने केरलम विधानसभा चुनाव में किसी भी सांसद को नहीं उतारने का फैसला किया था. दबाव बनाने के लिए सुधाकरन ने कांग्रेस नेतृत्व को अल्टीमेटम दिया था कि टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. लेकिन अचानक गुरुवार शाम दिल्ली से केरलम के लिए रवाना होने से ठीक पहले केरलम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सुधाकरन ने अपना इरादा बदलने का एलान कर दिया.

सूत्रों के मुताबिक सुधाकरन को मनाने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा गया कि यदि उन्हें टिकट दिया गया तो बाक़ी सांसद नाराज़ होंगे जो उनकी तरह की चुनाव लड़ना चाहते हैं. इतने वरिष्ठ नेता होने के बावजूद अगर वो निर्दलीय चुनाव में उतरते हैं तो देखा देखी कई और नेता बागी उम्मीदवार बन सकते हैं. इससे केरल में कांग्रेस बहुत पीछे चली जाएगी किसी कभी भरपाई नहीं हो पाएगी. कांग्रेस आलाकमान ने सुधाकरन को भरोसा दिया कि सरकार बनने के बाद उनका ख्याल रखा जाएगा. 

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सुधाकरन से बात की और कहा कि आने वाले दिनों में राहुल गांधी उनसे अलग से मुलाक़ात करेंगे. कांग्रेस आलाकमान को डर था कि इसी हफ़्ते असम से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफ़ा दिया है, अगर केरलम में भी ऐसा होता है तो बड़ा नुक़सान हो जाएगा.मान–मनौवल के बाद सुधाकरन ने साफ़, “मैं चुनाव नहीं लड़ रहा हूं. पार्टी को चुनौती देने का मेरा कोई इरादा नहीं है. पार्टी बड़ी और मैं इसका एक छोटा हिस्सा हूँ.” सुधाकरन के एक करीबी सूत्र के मुताबिक उन्होंने पार्टी मोह में अपना फ़ैसला बदला है. 

इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम एके एंटोनी ने भी सुधाकन से बात कर समझाया कि आपने पूरी जिंदगी जान पर खेलकर वामपंथियों के सामने संघर्ष किया है, किसी भी सूरत में ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए कि केरलम में वाम मोर्चा जीत की हैट्रिक लगा सके.देर रात कांग्रेस ने केरलम के उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची भी जारी कर दी. किसी भी सांसद को टिकट नहीं मिला. लेकिन इस एलान से पहले ही कांग्रेस ने अल्टीमेटम देने वाले वरिष्ठ सांसद सुधारकन को मना लिया था जो कन्नूर से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते थे. 

Advertisement
सुधारकन केरलम सरकार में मंत्री, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं और फिलहाल सांसद के अलावा कांग्रेस वर्किंग के सदस्य भी हैं. उनकी बागवत कांग्रेस को भारी पड़ सकती थी. भले ही सुधाकरन निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ रहे लेकिन देखना दिलचस्प होगा कि क्या अपने इलाके में वो कांग्रेस उम्मीदवारों की मदद करेंगे!

केरलम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस आलाकमान में जनवरी के आख़िरी हफ्ते में शशि थरूर से मुलाक़ात कर उनकी नाराज़गी दूर करने की कोशिश की थी. हालांकि इसके बावजूद थरूर अपने बयानों से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाते ही रहते हैं. जाहिर है अपने ही वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस की धड़कने बढ़ा रखी है. 

यह भी पढ़ें: केरलम चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की 55 उम्मीदवारों की पहली सूची, ज्यादातर विधायकों को मिला टिकट 

Advertisement

यह भी पढ़ें: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने एक और लिस्ट की जारी, 55 उम्मीदवारों के नाम हैं शामिल

Featured Video Of The Day
Trump Big Statement on Iran: "आपने Pearl Harbour के बारे में क्यों नहीं बताया?" Trump का बयान
Topics mentioned in this article