युवक के हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई, फिर हुआ गायब; पुलिस पर उठे सवाल

ओडिशा के केंद्रापड़ा में युवक गौरांग सेठी को हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई है. घटना के बाद युवक के लापता होने से मामला और गंभीर हो गया है. ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए विरोध किया.

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ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक युवक को पहले हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा गया और फिर वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया. इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव फैल गया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है.

हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई

यह घटना आलि थाना क्षेत्र के महादेईपटना गांव की है, जहां गौरांग सेठी नाम के युवक के साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया. आरोप है कि कुछ युवकों ने उसे बंधक बनाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और फिर उसकी जमकर पिटाई की. वायरल वीडियो में युवक असहाय नजर आ रहा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया.

पिटाई के बाद युवक हुआ लापता

परिजनों के अनुसार, गौरांग सेठी बुधवार रात से लापता है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिटाई के बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला है. परिवार वालों का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की जान की चिंता सता रही है और वे लगातार उसकी तलाश की गुहार लगा रहे हैं.

गौरांग के पिता अरुण सेठी ने घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, लेकिन आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. इसी वजह से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.

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वीडियो वायरल होते ही भड़का लोगों का गुस्सा

मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने आने के बाद सैकड़ों ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और आलि थाने का घेराव कर दिया. लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए युवक को जल्द ढूंढने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.

प्रदर्शन के बाद पुलिस का आश्वासन

स्थिति बिगड़ती देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मौके पर पहुंचे और लोगों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गौरांग का पता नहीं चला तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.

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बताया जा रहा है कि इस घटना के पीछे गांव में पहले हुआ एक विवाद कारण हो सकता है, जो वाहन तोड़फोड़ को लेकर हुआ था. इसी विवाद के बाद हालात बिगड़े और यह हिंसक घटना सामने आई. एफआईआर में छह लोगों—प्रकाश पंडा, तपस पंडा, मनोज साहू, प्रताप महाकुड़, लिपु महाकुड़ समेत अन्य के नाम शामिल किए गए हैं.

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