करूर भगदड़ केस: सुप्रीम कोर्ट पैनल की जांच शुरू, 1 दिसंबर को घटनास्थल का दौरा

करूर भगदड़ तब हुई थी जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्रि कज़गम (TVK) की रैली चल रही थी. इस हादसे में 41 लोगों की मौत हुई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले की जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट (SC) द्वारा नियुक्त पैनल ने अब अपना काम शुरू कर दिया है. जस्टिस अजय रस्तोगी की अगुवाई वाला यह पैनल 1 दिसंबर को करूर का दौरा करेगा और घटना स्थल पर तीन दिन तक निरीक्षण करेगा.

जांच का फोकस 

जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाला यह पैनल घटना स्थल (ग्राउंड जीरो) के हर स्पॉट की जांच करेगा. पैनल ने करूर जिला प्रशासन के लिए सवालों की एक सूची तैयार की है. रैली की अनुमति, भीड़ कंट्रोल और भगदड़ के क्रम जैसे अहम पहलुओं पर कड़े सवाल पूछे जाएंगे.

CBI को सख्त चेतावनी

पैनल ने CBI को साफ चेतावनी दी है कि जांच में किसी भी बाहरी प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा. SC पैनल ने जोर देकर कहा है कि "पीड़ितों के लिए न्याय ही मुख्य उद्देश्य है."

तमिलनाडु सरकार को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की CBI जांच का आदेश दिया है और साथ ही एक तीन सदस्यीय निगरानी समिति भी नियुक्त की है. इस समिति ने तमिलनाडु सरकार को तुरंत एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है. यह नोडल अधिकारी समिति, CBI और राज्य सरकार के बीच संचार और समन्वय को सुगम बनाने का काम करेगा.

Advertisement

कब हुई थी भगदड़

करूर भगदड़ तब हुई थी जब अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्रि कज़गम (TVK) की रैली चल रही थी. इस हादसे में 41 लोगों की मौत हुई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने 12 अक्टूबर को CBI जांच का आदेश दिया था. कोर्ट ने इस आदेश में मद्रास हाई कोर्ट के मामले को संभालने के तरीके की आलोचना भी की थी.

पैनल के सदस्य

  • जस्टिस अजय रस्तोगी (सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज)
  • सुमंत सरन (वर्तमान में BSF में प्रतिनियुक्ति पर)
  • सोनाल वी मिश्रा (IG, CRPF मुख्यालय)
Featured Video Of The Day
West Bengal Election 2026: SIR पर सियासी संग्राम! Mamata Banerjee और Owaisi के आरोपों में कितना दम?