- कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर एक प्राइवेट स्लीपर बस और लोरी की टक्कर हुई.
- तेज़ रफ्तार में लोरी डिवाइडर पार कर बस में घुसी, जिससे बस आग की लपटों में घिर गई.
- हादसे में लगभग 10 यात्री जलकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई.
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH‑48) पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक प्राइवेट स्लीपर बस (Seabird Coach) लोरी से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गई. हादसे में 5 लोगों के जलकर मौत हो गई, जबकि 21 यात्री घायल हैं.
कैसे हुआ एक्सीडेंट
हादसा चित्रदुर्ग जिले के हिरियुर क्षेत्र में NH‑48 पर हुआ. दरअसल एक लोरी तेज रफ़्तार में डिवाइडर पार कर बस में घुस गई. यह लापरवाही का मामला बताया जा रहा है. टक्कर के तुरंत बाद स्लीपर बस में तेज आग भड़क उठी जिसमें 5 लोगों की जलकर मौत हो गई.
5 लोग जिंदा जले
बता दें कि बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा की ओर जा रही थी. भीषण टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हैं. बस में कुल 32 लोग सवार थे. हादसे के बाद लगी आग में 5 यात्री जलकर मौत का शिकार हो गए, जबकि कंटेनर लोरी का चालक भी मौके पर ही मारा गया. घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है. मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है.
हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में हुए दर्दनाक हादसे में कई लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि वे इस त्रासदी से गहराई से व्यथित हैं और जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना प्रकट करते हैं. प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से ₹2 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. वहीं, हादसे में घायल हुए व्यक्तियों को ₹50,000 दिए जाएंगे.
क्या बोले प्रत्यक्षदर्शी?
प्रत्यक्षदर्शी सचिन के अनुसार, 'एक बस ने हमें ओवरटेक किया था. उसी समय सामने से आ रहा एक कंटेनर ट्रक अचानक डिवाइडर पार करते हुए सीधे स्लीपर बस से जा टकराया. ट्रक की टक्कर बस के उसी हिस्से से हुई जहां डीजल टैंक स्थित था, जिसके कारण स्थिति और भी भयावह हो गई.'
'कांच तोड़कर बाहर निकले'
प्रत्यक्षदर्शी यात्री आदित्य के अनुसार, 'हादसा होते ही मैं नीचे गिर गया और चारों ओर आग ही आग दिखाई देने लगी. दरवाज़ा खुल नहीं पा रहा था, इसलिए हमने कांच तोड़कर किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की. उस समय लोग चीख रहे थे. कई लोग एक‑दूसरे को बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन आग इतनी तेज़ी से फैल रही थी कि बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया.'
तमिलनाडु में ठीक ऐसा ही बस हादसा
गौरतलब है कि तमिलनाडु के कुड्डालोर में भी बुधवार को भीषण सड़क हादसा हुआ है. सरकारी बस की दो वाहनों से भिड़ंत की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई. इसमें 5 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं. तिरुचिराप्पल्ली से चेन्नई जा रही बस टायर फटने के कारण डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरे लेन में चली गई और सामने से आ रहे वाहनों से उसकी टक्कर हो गई. दुर्घटना में 2 बच्चे समेत चार लोग घायल हो गए और उनका एक सरकारी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है.
सीएम स्टालिन ने जताया दुख
सीएम एम के स्टालिन ने हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई. मृतकों के परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से 3-3 लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है.














