- कश्मीर में मौसम में सुधार के बाद झेलम और तवी नदियों का जलस्तर कम होने लगा है, जिससे बाढ़ का खतरा घटा है.
- जम्मू और साम्बा में भारी बारिश से पिछले दो दिनों में 45 लोगों की मौत हो चुकी है.
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है.
जम्मू-कश्मीर के लोगों ने अब कुछ राहत की सांस ली है. मौसम में कुछ सुधार के बाद नदियों का रोद्र रूप कुछ शांत हुआ है. कश्मीर में बाढ़ का खतरा बृहस्पतिवार को कम हो गया है, मौसम में सुधार के साथ ही झेलम नदी एवं अन्य जलाशयों में जलस्तर कम होने लगा है. तवी नदी में भी जल स्तर कम हो रहा है. अधिकारियों ने बताया कि पिछले 12 घंटों में कश्मीर घाटी में बहुत कम बारिश हुई है. अब हालात का जायजा लिया जा रहा है. श्री माता वैष्णो देवी मंदिर रूट पर भूस्खलन के कारण यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है. अगर मौसम ठीक रहता है, तो 2-3 दिनों में यात्रा के फिर से शुरू होने की उम्मीद है.
जम्मू में 2 दिन में 45 लोगों की मौत
जम्मू और साम्बा में बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों को ठीक करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पत पहुंचाने के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा काम किया जा रहा है. इस क्षेत्र में बृहस्पतिवार को अचानक आई बाढ़ में चार और लोग बह गए. पिछले दो दिन में जम्मू क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण 45 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर की मौत वैष्णो देवी तीर्थयात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण हुई. बारिश कम होने के बाद बुधवार को राहत कार्यों में तेजी आई. अधिकारियों के अनुसार, जम्मू में बाढ़ के पानी में चार शव बरामद किए गए.
शांत हुई झेलम..!
बारिश कम होने के कारण, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के संगम पर झेलम नदी बाढ़ की चेतावनी के स्तर से नीचे आ गई है. अधिकारियों ने बताया कि हालांकि श्रीनगर में नदी का जलस्तर अब भी खतरे के स्तर से ऊपर है, लेकिन जलस्तर कम होना शुरू हो गया है. नदी की सहायक नदियां भी बाढ़ की चेतावनी के स्तर से नीचे बह रही हैं. अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को जलमग्न हुए इलाकों में भी पानी कम होने लगा है. हालांकि, विभिन्न विभागों द्वारा निगरानी जारी है और टीमें अलर्ट पर हैं. इस बीच कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने मीडिया को बताया कि जल स्तर घट रहा है, संगम और राम मुंशीबाग में जल स्तर घट रहा है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का पूर्वानुमान ऐसा ही रहेगा.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वह कुछ दिनों में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और यह समझेंगे कि 2014 की भीषण बाढ़ के बाद बाढ़ से निपटने के लिए क्या उपाय किए गए थे और जहां भी केंद्र शासित प्रदेश में स्थिति खराब होगी, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जायेंगे.
50 गांवों से संपर्क टूटा
जम्मू में भारी बाढ़ बारिश के कारण लगभग 50 गांवों से संपर्क टूट गया है. जम्मू में नगरोटा में तवी नदी से बुधवार शाम एक शव निकाला गया और बताया जा रहा है कि पीड़ित चक रकवाला में डूब गया था. मढ़ में एक नाले से एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव बरामद किया गया. आर एस पुरा के करखोला क्षेत्र में सीमा बाड़ के पास पानी से एक शव बरामद किया गया, जबकि दूसरा शव बारी ब्राह्मणा के तेली बस्ती क्षेत्र में मिला. अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 12 हजार से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है. तवी, चिनाब, बसंतर, रावी और उझ जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर घट गया है.
रेलवे ने की विशेष ट्रेन की सुविधा
उत्तर रेलवे ने बुधवार को जम्मू और कटरा आने-जाने वाली 58 रेलगाड़ियां रद्द कर दी थीं और अब उसने जम्मू से दो हजार से अधिक फंसे हुए यात्रियों को ले जाने के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की. रियासी जिले में वैष्णो देवी भूस्खलन की घटना के बाद मलबे से और शव निकाले जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि 24 शवों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 14 महिलाएं हैं. घटना में कम से कम 20 अन्य घायल हो गए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के समीप मंगलवार को लगभग तीन बजे भूस्खलन हुआ और यह स्थान कटरा से मंदिर तक 12 किलोमीटर की यात्रा के लगभग आधे रास्ते पर है.