मैंने पापा का हाथ पकड़ा, मम्मी-भाई डूबे, नानी की मौत... जबलपुर क्रूज हादसे में अपनों को खोने वाली बच्ची का दर्द

Bagri Dam Cruise Accident: जबलपुर जिले के बरगी बांध क्रूज हादसे को 15 घंटे से अधिक समय बीत चुका है. लेकिन अब भी कुछ लोग लापता हैं. उनके जिंदा मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है, लेकिन अपनों की उम्मीद है कि टूटती नहीं. आंखें टकटकी लगाए उनका इंतजार देख रही हैं.

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जबलपुर क्रूज हादसे में अपनों को खोने का गम.
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  • जबलपुर के बरगी बांध हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, कई अभी भी लापता हैं
  • एक बच्ची ने अपनी आंखों के सामने मां-भाई और नानी को खो दिया, इस दर्दनाक मंजर को उसने बयां किया है
  • मौसम विभाग ने पहले से खराब मौसम और तेज हवाओं की चेतावनी दी थी फिर भी क्रूज को नदी में उतारा गया
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तेज हवाएं, डूबता क्रूज, हर तरफ हाहाकार... ये मंजर था गुरुवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरगी बांध का. जब 30 से 40 लोगों से भरा क्रूज अचानक नर्मदा में पलट गया. पानी से लबालब बांध में जब लोग डूबे तो हर किसी की आंखें सिर्फ अपनों को ढूंड रही थीं. किसी ने आंखों के सामने पत्नी खो दी तो किसी ने मां और भाई. इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है. ये लोग किसी के मां-बाप, भाई, बहन थे. सोचिए उन लोगों पर क्या बीत रही होगी, पलक झपकते ही जिसके अपने आंखों से ओझल हो गए. उनके अपने डूबते रहे और वे बेबस होकर देखते रहे. चीख-पुकार और मदद की गुहार भी काम नहीं आई.  

मां-भाई को खोने वाली बच्ची का दर्द

उस बच्ची के बारे में सोचिए जो पल भर में बिन मां की हो गई. मां-पिता और भाई के साथ कुछ देर पहले जो हंसी के ठहाके लगा रही थी उसकी आंखों में सिबाय दर्द के कुछ दिखाई नहीं दे रहा. बच्ची बुरी तरह डरी, सहमी और घबराई हुई है. पापा तो मिल गए लेकिन मम्मी, भाई और नाना का कुछ अता-पता नहीं है. वहीं नानी की डूबने से मौत हो गई है. पल भर में उसकी खुशियां मातम में बदल गईं. जबलपुर क्रूज हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया.

बच्ची ने भरे हुए गले से कहा, " क्रूज पलट गया था, एकदम से बाढ़ आ गई थी और शिप के अंदर पानी भर गया था. मुझे मेरे पापा मिल गए थो तो मैंने उनका हाथ पकड़ लिया था. मेरी, मम्मी और भाई नहीं मिल रहे, नानू मिल गए, नानी भी थीं उनकी डेथ हो गई है. "

मां का बेटे को सीने से लगाए शव देख कलेजा फट उठेगा

जबलपुर क्रूज हादसे ने दिल्ली के एक परिवार की खुशियां जाड़ दीं. पति, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी पिकनिक मनाने क्रूज पर चढ़े.  हादसे के दौरान पिता और बेटी किसी तरह सुरक्षित बच गए, लेकिन मां और बेटा क्रूज के भीतर ही फंस गए थे. आज सुबह मां का अपने बेटे को सीने से चिपकाए हुए शव मिला. मानो आखिरी पल तक उसे बचाने की कोशिश कर रही हो. यह दृश्य देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं.

आंखों के सामने पत्नी डूब गई

जबलपुर के सिविल लाइन इलाके के रहने वाले सैयद रियाज हुसैन की पत्नी, नाती और समधन लापता हैं. वह परिवार के साथ क्रूज की सवारी का आनंद लेने गए थे. वो कहां जानते थे कि डैम में मौत दस्तक दे रही है. सैयद तो बच गए, लेकिन उनके परिजन अभी भी लापता हैं. वह बेबस और लाचार हैं और किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं. 

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डैम में रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. एसडीआरएफ, एनडीएआरफ, पुलिस की टीमें सभी तलाशी में जुटी हैं. अब तक 28 लोगों को बचाया जा चुका है. लेकिन जिनकी मौत हो गई उनका क्या, उनके अपनों के दर्द का अंदाजा भी लगाना मुश्किल है. हादसे को 14 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं, ऐसे में लापता लोगों के जिंदा रहने की उम्मीद कम ही है. लेकिन फिर भी पुलिस प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं. 

चेतावनी के बाद भी नदी में क्यों गया क्रूज?

बताया जा रहा है कि मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी कर दी थी. बड़ा सवाल यह है कि जब पहले से ही 40-50 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया था तो फिर क्रूज पर्यटकों को लेकर नर्मदा नदी में गया ही क्यों. 

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