छत्तीसगढ़ में आईटीबीपी के जवान लगा रहे 'पाठशाला', सुदूर इलाकों के छात्र-छात्राओं को दे रहे कोचिंग

वामपंथ उग्रवाद से लड़ने के लिए आईटीबीपी को 2009 से छत्तीसगढ़ में तैनात किया गया है. बल ने पिछले वर्षों में कई सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
बच्चों को पढ़ाते आईटीबीपी के जवान
कोंडागांव:

वामपंथ उग्रवाद से लड़ने के अलावा, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने छत्तीसगढ़ में सुदूर इलाकों के स्कूली छात्रों के लिए कोचिंग की शुरुआत की  है. छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के सुदूर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा में जवान योगदान दे रहे हैं. जिले के मुंजमेटा, फरसागांव, झारा और धौडाई गांव में कई जगहों पर ITBP के 29वीं बटालियन के जवान करीब 200 छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं संचालित कर रहे हैं. पर्वतीय प्रशिक्षित बल आईटीबीपी के जवान छात्रों को एकलव्य और नवोदय स्कूलों में प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने की तैयारियों में मदद कर रहे हैं.

बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से लगभग 200 स्थानीय आदिवासी छात्रों को कोचिंग प्रदान की जा रही है. इन क्षेत्रों के लोग इन कोचिंग कक्षाओं में अपने बच्चों को भेज रहे हैं. आईटीबीपी इन छात्रों को जरूरत पड़ने पर अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करा रही है. 

गौरतलब है कि वामपंथ उग्रवाद से लड़ने के लिए आईटीबीपी को 2009 से छत्तीसगढ़ में तैनात किया गया है. बल ने पिछले वर्षों में कई सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किए हैं. आईटीबीपी ने छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में तीरंदाजी, हॉकी, जूडो और एथलेटिक्स में सैकड़ों स्थानीय छात्रों को प्रशिक्षित कर उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

यह भी पढ़ें-

तजिंदर बग्गा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने किया गया पेश, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को दिए सुरक्षा मुहैया कराने के आदेश

दिल्ली पुलिस को हरियाणा में BJP के तजिंदर बग्गा की कस्टडी कैसे मिली?

कॉमर्शियल सिलेंडर के बाद घरेलू गैस पर भी महंगाई की मार, घरेलू गैस सिलेंडर 50 रुपये महंगा | पढ़ें

Featured Video Of The Day
Rahul Gandhi Lok Sabha Speech: Trade Deal पर राहुल ने लगाया बड़ा आरोप | Parliament Budget Session
Topics mentioned in this article