- सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की कोई संभावना नहीं है.
- कच्चे तेल की कीमतें तब तक नहीं बढ़ेंगी जब तक वे प्रति बैरल एक सौ तीस डॉलर से ऊपर नहीं जातीं.
- भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है जिससे आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी.
ईरान जंग के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की आशंका को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट तनाव के कारण भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ सकती है. लेकिन सरकार की ओर से लगातार ऐसे दावों को खोखला बताया गया है. अब सरकारी सूत्रों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की उम्मीद नहीं है क्योंकि हमारे पास काफी स्टॉक है. जब तक कच्चे तेल की कीमतें USD 130 को पार नहीं करतीं, पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें बढ़ने की उम्मीद नहीं है. सरकार के सूत्रों का कहना है कि हमें उम्मीद है कि कच्चे तेल की कीमतें लगभग $100 प्रति बैरल होंगी.
तेल रिजर्व जारी करने का कोई प्लान नहीं
साथ ही सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर तेल रिज़र्व जारी करने का कोई प्लान नहीं है. भारत के G7 कोशिश में अपने स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व से योगदान करने की उम्मीद कम है, क्योंकि हमारी स्ट्रेटेजी "इंडिया फर्स्ट" है.
होर्मुज के बाहर के रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज
सरकार से जुड़े सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीज़ल की कमी की कोई समस्या नहीं है. हमने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के रास्तों से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज़ कर दी है. भारत के पास एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का काफी स्टॉक है.
भारत ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है, ATF को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है.
वित्त मंत्री बोलीं- कच्चे तेल की कीमत का महंगाई पर असर पड़ने की संभावना कम
कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का घरेलू महंगाई पर असर को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "कच्चे तेल की क़ीमत का महंगाई पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना कम है क्योंकि पिछले एक साल से कच्चे तेल की कीमत नीचे की ओर जा रही थी और घरेलू महंगाई भी काबू में रही है. आगे चल कर इसका प्रभाव कितना पड़ेगा ये कई अन्य कारकों पर निर्भर करेगा."
कमर्शियल के बदले घरेलू LPG को प्राथमिकता
LPG पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए LPG बुकिंग का समय 21 से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है. कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां जो लोग पहले 55 दिनों में LPG सिलेंडर बुक करते थे, उन्होंने अब 15 दिनों में LPG सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया है. सरकार ने रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया है. कमर्शियल कनेक्शन के बजाय घरेलू LPG को प्राथमिकता देने का आदेश दिया है.
कई देशों ने LPG बेचने के लिए किया संपर्क
सरकारी सूत्रों ने कहा कि अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नॉर्वे जैसे देशों ने LPG बेचने के लिए संपर्क किया है. सूत्रों ने LNG पर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमत में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है. सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए LNG को घरेलू इस्तेमाल के लिए डायवर्ट किया जाएगा. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कोई रैशनलाइज़ेशन नहीं.
हम कई देशों से बेहतर, पाकिस्तान का हाल खराब
सरकारी सूत्रों ने कहा कि हम कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं. पाकिस्तान में जो हो रहा है उसे देखें. बताते चले कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमत में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपए) तक बढ़ोतरी हो चुकी है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अब 335.86 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है.
कच्चे तेल की कीमत 120-140 डॉलर से करीब रहेंगी
सरकारी सूत्रों ने कहा कि हमें उम्मीद है कि कच्चे तेल की कीमतें लगभग 100 डॉलर के आसपास रहेंगी. भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अमेरिकी उपभोक्ताओं से अलग होगा. हमें कच्चे तेल की कीमतों के 120-140 डॉलर से ऊपर जाने की संभावना नहीं दिखती. हालांकि सोमवार सुबह ही कच्चे तेल की कीमत 117 डॉलर के करीब पहुंच गई थी.
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