सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की कोई संभावना नहीं है. कच्चे तेल की कीमतें तब तक नहीं बढ़ेंगी जब तक वे प्रति बैरल एक सौ तीस डॉलर से ऊपर नहीं जातीं. भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर से कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है जिससे आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी.