पाकिस्तान की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद Air Defence मजबूत करता ईरान

यह दो दिवसीय ड्रिल गुरुवार को शुरू हुई, जिसमें दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्‍तान प्रांत के अबादान से लेकर दक्षिण-पूर्वी सिस्तान के चाहबहार के साथ ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगते बलूचिस्तान प्रांत तक का इलाका शामिल है.  

विज्ञापन
Read Time: 15 mins
ईरान ने इस ड्रिल के दौरान ड्रोन का इस्‍तेमाल किया है. (प्रतीकात्‍मक)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ईरान और पाकिस्‍तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.
  • दोनों के एक-दूसरों पर हमले के बाद ईरान ने एक एयर डिफेंस ड्रिल की है.
  • इस ड्रिल के दौरान ईरान ने ड्रोन का इस्‍तेमाल भी किया है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

ईरान (Iran) और पाकिस्‍तान (Pakistan) के एक-दूसरे पर हमलों ने दोनों देशों के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. इसके बीच ईरान ने ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए एक एयर डिफेंस ड्रिल की है. ईरान ने शुक्रवार को कहा कि इलाके में बढ़ते तनाव के मद्देनजर उसने अपने दक्षिण पश्चिम से दक्षिण पूर्व तक फैले तटों पर दुश्‍मन के लक्ष्‍यों को नाकाम करने के लिए डिजाइन ड्रोन के इस्‍तेमाल से सफल एयर डिफेंस ड्रिल (Air Defence Drill) की है. 

रायटर्स की खबर के मुताबिक, सरकारी प्रेस टीवी ने ईरान की सेना के प्रवक्ता के हवाले से कहा, "ईरानी बलों ने सफलतापूर्वक नई एयर डिफेंस पद्धति लॉन्‍च की है, जो शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों को रोकने और उन्‍हें निशाना बनाने के लिए ड्रोन का उपयोग करती है."

यह दो दिवसीय ड्रिल गुरुवार को शुरू हुई, जिसमें दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्‍तान प्रांत के अबादान से लेकर दक्षिण-पूर्वी सिस्तान के चाहबहार के साथ ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगते बलूचिस्तान प्रांत तक का इलाका शामिल है.  

इसके साथ ही प्रेस टीवी ने कहा कि सेना की वायु सेना और नौसेना, एयरोस्पेस फोर्स और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने अभ्यास में भाग लिया. 

Advertisement
ईरान और पाकिस्‍तान ने एक-दूसरे पर किया हमला 

ईरान ने मंगलवार (16 जनवरी) की रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुन्नी आतंकी संगठन ‘जैश-अल-अद्ल' के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया था, जिसके दो दिन बाद गुरुवार को पाकिस्तान ने ईरान के कई ठिकानों पर मिसाइल हमला किया. इस हमले को ईरान द्वार किए गए हमले का जवाब माना जा रहा है. हमलों ने 7 अक्‍टूबर को इजरायल और हमास की जंग शुरू होने के बाद से मध्‍य पूर्व में अस्थिरता को लेकर चिंता को एक बार फिर बढ़ा दिया है. 

ये भी पढ़ें :

* पाकिस्तान-ईरान में तनाव की वजह कौन? जानें- Jaish al-Adl ने कब-कब किया हमला
* Explainer: सिर्फ ईरान की 'आंख की किरकिरी' नहीं है बलूचिस्तान, 1948 से पाकिस्तान भी झेल रहा ये समस्या
* फाइटर जेट से लेकर पैदल सेना तक...ईरान और पाकिस्तान में कौन-सी सेना है ज्यादा शक्तिशाली

Advertisement
Featured Video Of The Day
जैन समाज की अनोखी परंपरा, यहां भगवान के मां-बाप बनने के लिए लगती है लाखों की बोली
Topics mentioned in this article