- मध्य पूर्व संकट के कारण दिल्ली के लाजपत राय बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग 20 प्रतिशत बढ़ गई है.
- कुवैत से गैस की सप्लाई ठप होने से लोग गैस सिलेंडर की कमी के डर से इंडक्शन चूल्हे खरीदने लगे हैं.
- इंडक्शन चूल्हों की मांग तेज हुई है और कई ब्रांडों के मॉडल उपलब्धता में कमी के कारण महंगे हो गए हैं.
मध्य पूर्व संकट का असर अब आम लोगों के चूल्हे तक पहुंचने लगा है. कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग रुकने और गैस आपूर्ति को लेकर लगातार आती खबरों के कारण लोग घबराकर खरीदारी करने लगे हैं. इसी वजह से दिल्ली के बड़े बाजारों में हलचल महसूस की जा रही है. दिल्ली का लाजपत राय इलेक्ट्रॉनिक बाज़ार इसका बड़ा उदाहरण है. आप सोच रहे होंगे कि दिल्ली के लाजपत राय बाजार का ईरान में चल रहे युद्ध से क्या संबंध है. दरअसल, सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आने के बाद दिल्ली के सबसे बड़े बाजारों-लाजपत राय और भागीरथ पैलेस में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है.
लाजपत राय मार्केट एसोसिएशन के प्रधान संजय नागपाल ने बताया कि लाजपत राय बाजार में इंडक्शन चूल्हे की डिमांड में करीब 15-20 फीसदी तक का उछाल आ गया है. इंडक्शन चूल्हा दिल्ली-एनसीआर की फैक्ट्रियों में तैयार होता है. अभी इलेक्ट्रॉनिक्स के सामानों पर इसका असर नहीं पड़ा है. लेकिन इंडक्शन चूल्हा की ख़रीददारी पर इसका असर पड़ रहा है. संजय नागपाल ने कहा कि सभी दुकानदारों को हिदायत दी है कि भी प्रॉडक्ट को मंहगा बेचने की शिकायत नहीं आनी चाहिए. लाजपत राय बाजार में इंडक्शन चूल्हा खरीने आए पवन आचार्य बताते हैं कि कुवैत से ज्यादातर सप्लाई गैस की आती थी, वहां उत्पादन ठप्प पड़ा है. लड़ाई अगर लंबी खिंचती है तो ये संकट आ सकता है, इसीलिए वो इंडक्शन चूल्हे खरीदने के लिए आए हैं.
ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर भी इंडक्शन चूल्हों की मांग तेज़ी से बढ़ गई है. Blinkit पर बुधवार रात तक ये उपलब्ध ही नहीं थे, जबकि Flipkart और Amazon जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर सिर्फ चुनिंदा ब्रांडों के इंडक्शन चूल्हे ही दिखाई दे रहे थे. ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर इन चुनिंदा ब्रांडों के इंडक्शन चूल्हों की कीमत 1500 रुपये से लेकर 6000 रुपये तक की रेंज में दिखाई जा रही थी. वहीं, लाजपत राय बाजार में इंडक्शन चूल्हे बेचने वाले दुकानदार हरीश भसीन बताते हैं कि यह होलसेल बाजार है, लेकिन इसके बावजूद दूर-दूर से ग्राहक इंडक्शन स्टोव खरीदने पहुंच रहे हैं. मांग बढ़ने की वजह से दुकानदार उतना ही माल बेच पा रहे हैं, जितना उनके पास उपलब्ध है. हरीश भसीन के अनुसार, लाजपत राय बाजार में इंडक्शन चूल्हों की कीमतें 600 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक हैं.
दिल्ली में गैस ऐजेंसियों के बाहर लगी है कतार
दिल्ली के अलग अलग जगह खासतौर पर पहाड़ गंज, देवली, संगम विहार, यमुना पार जैसे कई इलाकों में बहुत सारे लोग सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के पास पहुंच रहे हैं. लोगों की शिकायत है कि ऑनलाइन बुकिंग करवाने के बावजूद सिलेंडर नहीं आ रही है. लेकिन झंडावालान में अतुल गैस एजेंसी के मालिक बताते हैं कि घरेलु गैस की कोई कमी नहीं है. लेकिन 25 दिन पहले ही लोग गैस बुक करा रहे हैं जिससे सर्वर बहुत स्लो हो गया है. लोग भरा सिलेंडर अपने घरों में रखना चाहते हैं. उधर कॉष्णा नाम की महिला ने बताया कि सुबह सात बजे से लाइन में लगी है. लेकिन बुकिंग होने के बावजूद उनको सिलेंडर नहीं मिल रहा है.
महाराष्ट्र के वर्धा में गैस किल्लत के डर से जनता ने अब बिजली के विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसके कारण बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग में भारी उछाल और कमी देखी जा रही है. व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने का असर अब वर्धा के इलेक्ट्रॉनिक बाजार पर साफ दिखने लगा है. भविष्य में गैस न मिलने के डर से नागरिक अब भारी संख्या में इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में इनका संकट खड़ा हो गया है.
ये भी पढ़ें :- अंधेरी रात, मौत के साए और भारत का साहस... कैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल भरा जहाज लेकर मुंबई पहुंचे कैप्टन संधू














