- इंदौर में गंदा पानी पीने के कारण 11 लोगों की मौत हो गई है, कई लोग बीमार
- इस बीच, पानी की जांच रिपोर्ट आ गई है, रिपोर्ट में इसके दूषित होने की पुष्टि हुई है
- इंदौर के डीएम शिवम वर्मा ने इसकी जानकारी दी है, आगे की कार्रवाई जारी है
इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौत मामले में अब शुरुआती रिपोर्ट भी आ गई है. जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में पानी में मिलावट और उसका दूषित होने की तरफ ही इशारा किया गया है. सरकार इस मामले में अब डिटेल रिपोर्ट भी मंगवाई है. इंदौर के डीएम शिवम वर्मा ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी है. गौरतलब है कि देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों की जान चली गई जबकि कुछ लोग बीमार लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं. गौरतलब है कि गंदा पानी पीने से अबतक इंदौर में 11 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है.
स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से 11 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिनकी पुष्टि उनके परिजन कर चुके हैं
हालांकि अभी भी प्रशासनिक तौर पर 4 लोगों को ही मृत मान गया है
इनकी हुई है मौत
1) नंदलाल पाल 75 वर्ष ( आधिकारिक पुष्टि)
2) उर्मिला यादव 60 वर्ष ( आधिकारिक पुष्टि)
3) उमा कोरी 31 वर्ष
4) मंजुला 74 वर्ष
5) ताराबाई कोरी 70 वर्ष ( आधिकारिक पुष्टि)
6) गोमती रावत 50 वर्ष
7) सीमा प्रजापत 50 वर्ष
8) संतोष बिगोलिया
9) जीवन लाल बरेडे 80 वर्ष
10) अव्यान साहू 5 माह
इस बीच गंदे पानी के कारण 13 और बीमार लोग सामने आए हैं. उधर, सर्वे टीम घर-घर जाकर जांच में जुटी है. प्रशासन कोशिश कर रही है कि किसी घर में कोई मरीज हो तो उसे तुरंत उपचार मिल जाए. नगर निगम को एक ऐसा प्वाइंट मिला था जहां से पानी दूषित हुआ था. उस प्वाइंट को रिपेयर कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई भी जारी है.
गंदे पानी से फैला संक्रमण
गौरतलब है कि एमजीएम ने भी इस मामले में अपनी सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया कि गंदे पानी की वजह से लोगों की जान गई है. उसी से उनमें संक्रमण फैला था. यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है. इसके अलावा जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं वह भी दूषित पानी पीने की वजह से बीमार हुए हैं. भागीरथपुरा में घरों में आने वाले पानी के सैंपल लिए गए थे, जिसकी जांच मेडिकल कॉलेज की लैब में हुई.
सीएमएचओ माधव हसानी ने बताया कि पाइप लाइन में लीकेज की वजह से पानी प्रदूषित हुआ है. पानी में किस लेवल का दूषण था, इसके बारे में अधिकारी ही बता पाएंगे. पानी प्रदूषित होने के बाद से ही लोगों में इन्फेंक्शन (संक्रमण) फैलने लगा था. तभी से ही हमारी टीम ने उपचार करना शुरू कर दिया था.














