पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ही नहीं, भारत की इन 'वर्ल्ड क्लास' सड़कों पर भी गरज सकते हैं फाइटर जेट, जानें कहां-कहां हैं

भारत के कई एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे ऐसे हैं, जो युद्ध जैसी आपातकालीन स्थिति में फाइटर जेट्स के लिए रनवे का काम करेंगे.

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  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना ने सुखोई-30, मिराज और तेजस जैसे फाइटर जेट्स उतार कर युद्धाभ्यास किया
  • UP में चार एक्सप्रेसवे आपातकालीन लैंडिंग के लिए तैयार हैं जिनपर वायुसेना के विमान सफलतापूर्वक उतर चुके हैं
  • राजस्थान के बाड़मेर में NH-925A पर देश की पहली नेशनल हाईवे एयरस्ट्रिप बनी है
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यूपी के सुल्तानपुर में बुधवार को भारतीय वायुसेना ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बने एयरस्ट्रिप पर व्यापक युद्धाभ्यास और एयर शो का आयोजन किया. एयरफोर्स ने इस एक्सप्रेसवे पर सुखोई-30, मिराज और तेजस जैसे फाइटर जेट उतारे. यह ट्रायल इमरजेंसी हालातों में नेशनल एक्सप्रेसवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता को परखने के उद्देश्य से किया गया. भारत में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ही इकलौती ऐसी सड़क नहीं है, जहां ये संभव हो पाया. देश में ऐसी कई और 'वर्ल्ड क्लास' सड़कें हैं जो जरूरत पड़ने पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. आइए जानते हैं देश की उन खास सड़कों के बारे में, जो पल भर में वायुसेना के बेस में तब्दील हो सकती हैं.

उत्तर प्रदेश का दबदबा: 4 एक्सप्रेसवे पर उतर सकते हैं फाइटर जेट

भारत में हाईवे एयरस्ट्रिप के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. यूपी के चार प्रमुख एक्सप्रेसवे ऐसे हैं, जिन्हें आपातकालीन लैंडिंग के लिए डिजाइन किया गया है. इन एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट उतार कर ट्रायल भी किया जा चुका है.

1. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

इस लिस्ट में सबसे ताजा नाम है पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का, जहां बुधवार को फाइटर जेट्स ने ट्रायल किया. 341 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप बनाई गई है. यह वायुसेना के भारी-भरकम विमानों से लेकर लड़ाकू विमानों तक का भार सहने में सक्षम है. वायुसेना ने यहां सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट सफलतापूर्वक उतारे. इसके अलावा सी-295 और एएन-32 परिवहन विमानों ने भी रनवे पर सफल लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. अभ्यास के दौरान ‘टच एंड गो' ऑपरेशन, दिन और रात में लैंडिंग-टेकऑफ और कमांडो द्वारा स्लिथरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया.

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2.आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे

यूपी का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी वायुसेना के फाइटर जेट्स की इमरजेंसी लैंडिग हो सकती है. उन्नाव के पास बनी इसकी एयरस्ट्रिप पर 2017 में वायुसेना के कई विमानों ने टच-एंड-गो लैंडिंग की थी. यहां एयरफोर्स के सुखोई, मिराज और सी-130जे सुपर हरक्यूलिस जैसे भारी परिवहन विमान भी उतर चुके हैं.

3. यमुना एक्सप्रेसवे

ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले इस एक्सप्रेसवे पर मथुरा के पास आपातकालीन हवाई पट्टी मौजूद है. यहां भी वायुसेना के मिराज 2000 जैसे विमान अपनी सफल लैंडिंग का परीक्षण कर चुके हैं.

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4. गंगा एक्सप्रेसवे

इसके अलावा यूपी में बन रहे सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे पर भी शाहजहांपुर के पास एक बड़ी एयरस्ट्रिप बनाई जा रही है. यहां भी पांच किलोमीटर की रलवे स्ट्रिप डेवलेप की जा रही है, जहां भविष्य में वायुसेना के फाइटर जेट गरजेंगे.

राजस्थान में देश की पहली 'नेशनल हाईवे' एयर स्ट्रिप

एक्सप्रेसवे के अलावा भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग यानी नेशनल हाईवे पर भी इमरजेंसी रनवे बनाए गए हैं. इसमें राजस्थान के बाड़मेर जिले में NH-925A पर सट्टा-गंधव सेक्शन में देश की पहली नेशनल हाईवे एयरस्ट्रिप बनाई गई है. यह हवाई पट्टी 3 किलोमीटर लंबी है. भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब होने की वजह से इस एयर स्ट्रिप की बड़ी अहमियत है. जरुरत पड़ने पर यहां वायुसेना के फाइटर जेट और विमान उतारे जा सकते हैं.

आंध्र प्रदेश में भी यहां है हाईवे स्ट्रिप

दक्षिण भारत में भी इमरजेंसी हालातों के लिए एयरस्ट्रिप बनाई गई है. यह आंध्र प्रदेश के बापटला जिले में नेशनल हाईवे-16 पर है. बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में यह रनवे वायुसेना के विमानों की लैंडिग करा सकती है.

नॉर्थ ईस्ट में भी है ऐसी है हवाई पट्टी

इसके अलावा चीन और अन्य पूर्वी सीमाओं पर अपनी नजर पैनी करने के लिए वायुसेना ने पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी हाईवे स्ट्रिप्स तैयार की हैं. एक स्ट्रिप असम के मोरान के पास बनाई गई है. दुर्गम पहाड़ी इलाकों वाले इस राज्य में यह सड़क किसी भी सैन्य ऑपरेशन में संजीवनी का काम कर सकती है.

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बंगाल में भी बनी हवाई पट्टी

वहीं पूर्वी तट पर सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए पश्चिम बंगाल में खड़गपुर के पास बालेश्वर खंड पर भी एक इमरजेंसी स्ट्रिप तैयार की गई है. यहां एयरफोर्स के विमान उतर सकते हैं. बांग्लादेश बॉर्डर के करीब होने की वजह से यह हवाई पट्टी भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

क्यों जरूरी हैं ये हाईवे एयरस्ट्रिप?

युद्ध के समय दुश्मन सबसे पहले सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाते हैं, ताकि लड़ाकू विमान उड़ान न भर सकें. ऐसी स्थिति में ये हाईवे एयरस्ट्रिप वायुसेना को वैकल्पिक रनवे प्रदान करते हैं. इसके अलावा, बाढ़ या भूकंप जैसी बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के समय जब राहत सामग्री बड़े पैमाने पर पहुंचानी हो, तो हरक्यूलिस जैसे बड़े मालवाहक विमान सीधे इन सड़कों पर उतर सकते हैं.

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