होर्मुज पार कर भारतीय टैंकर 'देश गरिमा' पहुंचा मुंबई, जानें कितने भारतीय जहाज अब भी वहां फंसे हैं?

शिपिंग मंत्रालय ने बुधवार को कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में टैंकर्स पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है.

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  • मुंबई बंदरगाह पर 97,422 मीट्रिक टन कच्चे तेल लेकर भारतीय ध्वज वाला टैंकर सुरक्षित पहुंचा है.
  • मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित होकर यह दसवां टैंकर भारत पहुंचा है.
  • 28 फरवरी से अब तक नौ एलपीजी टैंकर और एक कच्चे तेल का टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकले हैं.
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कच्चे तेल का टैंकर 'देश गरिमा' बुधवार शाम को मुंबई बंदरगाह (MUMBAIJD5) पर पहुंच गया. भारतीय ध्वज वाले इस बड़े कच्चे तेल के टैंकर में 97,422 मीट्रिक टन कच्चे तेल का स्टॉक लोड किया हुआ है और इसपर 31 भारतीय नाविक सवार हैं. मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलकर सुरक्षित भारत पहुंचने वाला ये 10वां टैंकर है.  

18 अप्रैल को दो भारतीय जहाजों- वीएलसीसी समनार हेराल्ड और बल्क कैरियर जग अर्नव पर IRGC सैनिकों द्वारा फायरिंग के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से निकलने वाला ये पहला जहाज है. 28 फरवरी 2026 से अब तक 9 एलपीजी टैंकर और 1 कच्चे तेल का टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से निकल चुके हैं. हालांकि, अब भी होर्मुज जलडमरूमध्य में 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इनमें 3 कच्चे तेल के टैंकर और 1 बड़ा एलपीजी टैंकर शामिल हैं.

शिपिंग मंत्रालय ने बुधवार को कहा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में टैंकर्स पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है. होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती अनिश्चितता के बीच, भारतीय सरकार ने शेष 14 मालवाहक जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिलाने के प्रयासों को तेज कर दिया है.

विशेष मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे सभी जहाज़ों को सुरक्षित निकलने के लिए ईरान सरकार के साथ बातचीत जारी है. हम होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही बहाल करने के पक्ष में हैं. हम अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं".

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उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांति का समर्थक रहा है. भारत ने युद्धविराम का स्वागत किया था. हमने कहा है कि इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक है. 28 फरवरी को मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के समय 24 भारत-ध्वज वाले जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में फंसे थे.

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