- भारतीय तेल वाहक जहाज ग्रीन आशा 15 हजार टन LPG लेकर मुंबई पहुंचा है जो ऊर्जा संकट के दौरान महत्वपूर्ण है
- ग्रीन आशा जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर सुरक्षित रूप से मुंबई तक अपनी यात्रा पूरी की है
- ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर की घोषणा हुई है जिससे तनाव कम हुआ है
ईरान युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच भारतीय तेल वाहक जहाज 'ग्रीन आशा' मुंबई पहुंच गया है. ग्रीन आशा जहाज 15 हजार टन एलपीजी (LPG) लेकर मुंबई पहुंचा है. भारत का ये जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर मुंबई आया है. बता दें कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 2 हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया गया है. होर्मुज स्ट्रेट को भी खोलने का ऐलान ईरान की ओर से कर दिया गया है. ऐसे में कई और जहाज भी इस बीच भारत आ सकते हैं.
आशा ग्रीन जहाज 15,400 टन एलपीजी के साथ नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पत्तन प्राधिकरण (जेएनपीए) पहुंच गया है. जेएनपीए ने बताया, "भारतीय ध्वज वाले एलपीजी पोत 'ग्रीन आशा' का आज स्वागत किया. इस पोत ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार किया और बीपीसीएल-आईओसीएल द्वारा संचालित जेएनपीए के 'लिक्विड बर्थ' पर लंगर डाला."
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आशा ग्रीन का आना इसलिए भी अहम है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर जेएनपीए पहुंचने वाला यह पहला ऐसा पोत है. पोत 15,400 टन एलपीजी लेकर पहुंचा. अथॉरिटी ने कहा, "पोत, उस पर लदा माल और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. यह आगमन जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी समुद्री संचालन की दक्षता को दर्शाता है और देश के लिए आवश्यक एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है."
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