- भारतीय सेना ने जवानों के लिए बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत ग्रेजुएट जवान डेढ़ साल में अफसर बन सकेंगे.
- आर्मी कैडेट कॉलेज एंट्री में बदलाव कर ग्रेजुएट जवानों के लिए तीन साल की पढ़ाई की आवश्यकता खत्म कर दी गई है.
- नए नियम से जवानों को कम समय में कमांड और ऑपरेशनल ट्रेनिंग देकर तेजी से अफसर बनने का अवसर मिलेगा
भारतीय सेना ने जवानों के लिए बड़ा और अहम फैसला लिया है, जिससे अब जवान से अफसर बनने का रास्ता काफी आसान हो गया है. खास तौर पर ग्रेजुएट जवानों को इस नए नियम से सीधा फायदा मिलेगा. अब उन्हें अफसर बनने के लिए चार साल की लंबी ट्रेनिंग नहीं करनी होगी, बल्कि सिर्फ डेढ़ साल में ही यह सपना पूरा हो सकेगा. यह बदलाव सेना की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद अफसरों की कमी को तेजी से पूरा करना है.
सेना में लंबे समय से अफसरों की कमी है. अधिकारियों के करीब 8000 से ज्यादा पद खाली बताए जाते हैं. इससे यूनिट्स की लीडरशिप प्रभावित होती है. यही कारण है कि अब सेना ने अनुभवी जवानों पर भरोसा जताया है. जो जवान पहले से सेवा में हैं, उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. आर्मी कैडेट कोर कॉलेज एंट्री में भी बड़ा बदलाव आया है.
12वीं पास जवानों लिए जारी रहेगा पुराना नियम
आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) एंट्री स्कीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है. अब तक ACC के जरिए अफसर बनने के लिए तीन साल की पढ़ाई और एक साल की ट्रेनिंग होती थी यानी कुल चार साल का समय लगता था. हालांकि अब ग्रेजुएट जवानों के लिए यह नियम बदल गया है. उन्हें 3 साल की पढ़ाई नहीं करनी होगी. अब पूरी प्रक्रिया सिर्फ डेढ़ साल में पूरी होगी. हालांकि 12वीं पास जवानों के लिए पुराना नियम जारी रहेगा.
इस फैसले से जवानों का करियर तेजी से आगे बढ़ेगा. कम समय में उन्हें अफसर बनने का मौका मिलेगा. अनुभवी जवान जल्दी नेतृत्व संभाल सकेंगे और यह बदलाव जवानों का मनोबल भी बढ़ाएगा.
सीधे स्टेज-2 में एंट्री, टेक्निकट एंट्री में भी बदलाव
- इस फैसले से सेना में अधिकारियों की कमी तेजी से पूरी होगी.
- मैदान का अनुभव रखने वाले अफसर मिलेंगे और ऑपरेशनल क्षमता भी बढ़ेगी.
- एसएसबी प्रक्रिया को आसान किया गया है. अब सीधे स्टेज-2 में एंट्री मिलेगी.
- इसमें 10 साल सेवा करने वाले जवान आवेदन कर सकते हैं.
- टेक्निकल एंट्री में भी बदलाव किया गया है. इसमें टीईएस स्कीम की ट्रेनिंग 5 साल से घटाकर 4 साल कर दी गई है.
- अब कैडेट्स जल्दी ऑफिसर बन सकेंगे. एसएससी टेक में भी प्रक्रिया तेज की गई है.
- अब ट्रेनिंग अब ज्यादा प्रेक्टिकल होगी. फोकस लीडरशिप और फील्ड स्किल्स पर रहेगा.
- जवानों को ऑपरेशन और कमांड की ट्रेनिंग दी जाएगी.
- जवानों के लिए बड़ा मौका ग्रेजुएट जवानों के लिए यह सुनहरा अवसर है. इससे सेना में आफिसर्स के खाली पद जल्द भरे जाएंगे.
कम समय में अफसर बनने का सपना होगा पूरा
भारतीय सेना के इस फैसले से जवानों का कम समय में अधिकारी बनने का सपना पूरा हो सकता है. साथ ही यह फैसला आने वाले समय में सेना को और मजबूत करेगा.














