अपने काम पर ध्यान दें.... उमर खालिद को लेटर लिखने वाले न्यूयॉर्क के मेयर को भारत का दोटूक जवाब

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि जनप्रतिनिधि अन्य लोकतंत्रों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करें. अपने निजी पूर्वाग्रहों को व्यक्त करना ऐसे लोगों को शोभा नहीं देता, जो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं.

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  • भारत सरकार ने न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी के जेल में कैद उमर खालिद को लिखे समर्थन पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी है
  • विदेश मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को अन्य लोकतंत्रों की न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए
  • प्रवक्ता ने ये भी कहा कि ऐसी टिप्पणियां करने के बजाय बेहतर होगा कि वह अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करें
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न्यूयॉर्क सिटी के हाल ही में मेयर बने जोहरान ममदानी की तरफ से जेल में बंद उमर खालिद को लिखे गए लेटर पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को दूसरे लोकतंत्रिक देशों में जुडिशरी की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए.

वीकली प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि जनप्रतिनिधि अन्य लोकतंत्रों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करें. अपने निजी पूर्वाग्रहों को व्यक्त करना ऐसे लोगों को शोभा नहीं देता, जो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं. ऐसी टिप्पणियां करने के बजाय बेहतर होगा कि वह अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करें."

क्या है पूरा मामला?

जोहरान ममदानी ने  1 जनवरी को अमेरिकी की न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम और एशियाई मूल के पहले मेयर के रूप में शपथ ली थी. इसी दिन उमर खालिद की पार्टनहर बानोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया पर ममदानी का हाथ से लिखा एक लेटर शेयर किया था. यह लेटर उमर खालिद के लिए था, जो फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में पांच साल से जेल में है.

ममदानी ने क्या लिखा था?

उमर खालिद के माता-पिता पिछले साल दिसंबर में बेटी की शादी के सिलसिले में अमेरिका गए थे. खबरों के मुताबिक, वहां उनकी ममदानी से मुलाकात हुई थी, तभी यह लेटर सौंपा गया था. लेटर में ममदानी ने लिखा था, "प्रिय उमर, मैं अक्सर कड़वाहट पर तुम्हारे शब्दों और इसे खुद पर हावी न होने देने के महत्व के बारे में सोचता हूं. तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई. हम सब तुम्हारे बारे में सोच रहे हैं."

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अमेरिकी सांसदों ने जताई थी चिंता

इसके बाद करीब 8 अमेरिकी सांसदों ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद को लंबे समय तक जेल में रखने पर चिंता जताई थी. उन्होंने उमर को जमानत देने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप निष्पक्ष सुनवाई की मांग की भी थी. इसे लेकर भारत में काफी प्रतिक्रियाएं आई थीं. 

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कौन हैं जोहरान ममदानी?

डेमोक्रेट पार्टी के नेता जोहरान ममदानी भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और भारतीय मूल के युगांडाई लेखक महमूद ममदानी के बेटे हैं. न्यूयॉर्क का मेयर चुने जाने से पहले से वह अक्सर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं. हाल के चुनावों में बड़ी जीत के बाद उन्होंने मैनहट्टन के एक बरसों से बंद पड़े सबवे स्टेशन में कुरान पर हाथ रखकर शपथ ली थी.

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