India AI Impact Summit 2026: AI की बदौलत भारत बनेगा ग्लोबल टेक लीडर, जीत अदाणी ने पेश किया विजन

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में अदाणी डिजिटल लैब्स के डायरेक्टर जीत अदाणी ने कहा कि एआई भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है. उसे दूसरों के भरोसे रहने के बजाय अपना खुद का एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए.

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  • इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में जीत अदाणी ने कहा कि AI भारत की संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है
  • अदाणी डिजिटल लैब्स के निदेशक ने कहा कि भारत को दूसरों के भरोसे रहने के बजाय अपना AI इन्फ्रा बनाना चाहिए
  • उन्होंने ऊर्जा, कंप्यूटर एवं क्लाउड और सेवाओं की संप्रभुता को एआई सदी के तीन मुख्य स्तंभ बताया
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इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में अदाणी डिजिटल लैब्स के डायरेक्टर जीत अदाणी ने भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रणनीति को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया. उन्होंने कहा कि एआई भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है. उसे दूसरों के भरोसे रहने के बजाय अपना खुद का एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना चाहिए. 

AI सेंचुरी के तीन स्तंभ

उन्होंने उन तीन मुख्य पैमानों का भी उल्लेख किया जो भारत के 'एआई सदी' (AI Century) को तय करेंगे. इसमें उन्होंने ऊर्जा संप्रभुता, कंप्यूटर और क्लाउड संप्रभुता के साथ-साथ सेवाओं की संप्रभुता को तीन मुख्य स्तंभ बताया. जीत अदाणी ने भारत की 'इंटेलिजेंस सेंचुरी' का विजन पेश करते हुए ऊर्जा संप्रभुता, कंप्यूटर एवं क्लाउड संप्रभुता और सेवाओं की संप्रभुता को तीन मुख्य स्तंभ बताया. उन्होंने कहा कि भारत को अपना एआई फ्यूचर सुरक्षित करने के लिए इन तीन स्तंभों पर संप्रभुता हासिल करनी होगी. 

ऊर्जा सुरक्षा ही असली सुरक्षा 

अपनी बात स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि एआई कोड के रूप में लिखा जाता है, लेकिन चलता बिजली से है. ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा ही असल में इंटेलिजेंस सुरक्षा है. सस्टेनेबल एनर्जी इस मामले में हमें प्रतिस्पर्धी लाभ दिलाती है. उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी क्लस्टर्स को एआई डेटा सेंटर्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ने की योजनाओं की रूपरेखा भी पेश की.

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देसी एआई पर दिया जोर

कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की चर्चा करते हुए जीत अदाणी ने कहा कि क्लाउड संप्रभुता का मतलब अलगाव नहीं बल्कि स्वायत्तता है. भारत को अपने महत्वपूर्ण एआई वर्कलोड को घरेलू स्तर पर ही होस्ट करना चाहिए. हमारे स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधा मिलनी चाहिए.

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दुनिया में संतुलन पर भारत का जोर

उन्होंने आगे कहा कि भारत इस क्षेत्र में प्रभुत्व जमाने के लिए नहीं बल्कि स्थिरता लाने के लिए शामिल हो रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में बना कोई भी आविष्कार विनाश के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. जीत अदाणी ने कहा कि भारत का उदय दुनिया पर राज करने के लिए नहीं बल्कि संतुलन की तलाश कर रही दुनिया को स्थिरता प्रदान करने और समावेशी सिस्टम बनाने के लिए हो रहा है. भारत जब तकनीक बनाता है तो वह नियंत्रण के लिए नहीं बल्कि समावेशिता के लिए होती है.

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संप्रभुता को परिभाषित करेगा एआई 

100 बिलियन डॉलर की लागत से सॉवरेन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रतिबद्धता के बीच जीत अदाणी ने कहा कि अब सवाल ये नहीं है कि भारत एआई सदी का हिस्सा बनेगा या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि क्या इस एआई सदी पर भारत के बुनियादी ढांचे, उसकी बुद्धिमत्ता और उसके मूल्यों की छाप होगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह बिजली से चलने वाले उद्योगों और तेल ने भू-राजनीति को नया आकार दिया और इंटरनेट ने व्यापार को बदल दिया, उसी तरह एआई अब संप्रभुता को फिर से परिभाषित करेगा.

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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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