अमेरिका दौरे के दौरान भारत के IAF चीफ एपी सिंह ने उड़ाया फाइटर जेट F15-एक्स ईगल, क्यों खास है ये विमान?

भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने अमेरिका दौरे के दौरान 9 अप्रैल को नेलिस एयर फोर्स बेस (AFB) पर F‑15EX ईगल‑II लड़ाकू विमान उड़ाया था. इसकी तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं.

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iaf chief f15 eagle
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  • IAF चीफ एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने अमेरिका के नेलिस एयर फोर्स बेस पर एफ‑15EX ईगल‑II लड़ाकू विमान उड़ाया
  • भारत के वायुसेना प्रमुख ने अमेरिका दौरे के दौरान पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का भी दौरा किया था
  • एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को अमेरिका में एफ‑15EX ईगल फाइटर जेट को उड़ाने का विशेष अनुभव प्राप्त हुआ था
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नई दिल्ली:

भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने अमेरिका दौरे के दौरान 9 अप्रैल को नेलिस एयर फोर्स बेस (AFB) पर F‑15EX ईगल‑II लड़ाकू विमान उड़ाया था. इसकी तस्वीरें अब वायरल हो रही हैं. इस फैमिलियराइजेशन फ्लाइट के जरिए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को उन विमानों में से एक को नजदीक से देखने और समझने का भी मौका मिला, जो हिंद‑प्रशांत क्षेत्र की साझा रक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाते हैं.

बता दें कि भारत के एयरफोर्स चीफ एपी सिंह पिछले हफ्ते अमेरिका के दौरे पर थे. वहां उन्होंने अमेरिका के ‘पीटरसन स्पेस फोर्स बेस' भी गए थे. ये वो जगह है जिसे अंतिरक्ष का कंट्रोल रूम भी कहा जाता है.इस दौरान उन्होंने अमेरिका के इस खास विमान F15-ExEagle फाइटर जेट को उड़ाने का मौका मिला था. 

क्यों खास है ये विमान?

F‑15EX ईगल‑II ईगल सीरीज़ का सबसे आधुनिक संस्करण है, जिसे पुराने F‑15C/D विमानों की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है.यह F‑15QA डिजाइन पर आधारित है.ईगल‑II ऐसा पहला F‑15 है, जिसमें डिजिटल फ्लाई‑बाय‑वायर कंट्रोल सिस्टम, टच‑स्क्रीन इंटरफ़ेस वाला आधुनिक ग्लास कॉकपिट और शुरुआत से ही APG‑82 AESA रडार, जॉइंट हेलमेट‑माउंटेड क्यूइंग सिस्टम (JHMCS) और EPAWSS आत्म‑सुरक्षा प्रणाली दी गई है.

इस विमान में ओपन मिशन सिस्टम (OMS) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे भविष्य में आसानी से अपग्रेड किया जा सकता है और नई क्षमताएं जोड़ी जा सकती हैं.इसमें सूट 9.1 सॉफ्टवेयर भी शामिल है, जो अपग्रेड किए गए पुराने विमानों के साथ समान है.F‑15EX पहले के संस्करणों की तुलना में ज्यादा तेज गति, लंबी रेंज, 29,500 पाउंड तक अधिक पेलोड क्षमता (जिसमें दो अतिरिक्त हथियार स्टेशन शामिल हैं) और कम ऑपरेटिंग लागत प्रदान करता है.इसके अलावा, यह अमेरिकी वायुसेना के पास मौजूद सभी लड़ाकू विमानों में सबसे लंबी स्टैंड‑ऑफ एयर‑टू‑एयर मारक दूरी रखने वाला विमान भी है.

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अमेरिकी वायुसेना (USAF) ने 13 जुलाई 2020 को पहले आठ नए F‑15EX लड़ाकू विमान बनाने के लिए बोइंग को 1.2 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया था. वित्त वर्ष 2021 (FY21) में 12 विमानों के लिए फंडिंग की गई, जबकि वित्त वर्ष 2022 (FY22) में 12 और विमानों के साथ कांग्रेस द्वारा 5 अतिरिक्त विमानों को मंजूरी दी गई.

वित्त वर्ष 2023 और 2024 (FY23–FY24) में कुल 24 विमानों की फंडिंग की गई, ताकि पुराने F‑15C/D विमानों को तेजी से हटाया जा सके.हालांकि अब अमेरिकी वायुसेना की योजना पहले तय किए गए 144 विमानों की बजाय 104 F‑15EX विमान खरीदने की है.पहला F‑15EX विमान 11 मार्च 2021 को एगलिन एयर फोर्स बेस पहुंचाया गया.वहीं, तीसरा और चौथा विमान (EX3 और EX4) आपूर्ति शृंखला से जुड़ी समस्याओं के कारण करीब एक साल की देरी से 20 दिसंबर 2023 को एगलिन पहुंचे. इसके अलावा, दो और विमान जोड़कर कुल छह विमानों का परीक्षण बेड़ा (टेस्ट फ्लीट) पूरा किया जाएगा.

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