- मालदा जिले के मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच तेज हो गई है.
- इस मामले में राज्य के अपराध जांच विभाग द्वारा अब तक पैंतीस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
- आरोपी और ISF उम्मीदवार ने कहा कि वह घटना के समय वहां मौजूद नहीं था और उसे गलत आरोपों में फंसाया जा रहा है.
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में कालियाचक स्थित मोथाबाड़ी ब्लॉक कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना की जांच अब तेज हो गई है. अब तक इस मामले में राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं, आरोपी और ISF उम्मीदवार NDTV के कैमरे पर बड़ा खुलासा किया है.
आरोपी और ISF उम्मीदवार ने NDTV से कहा कि जब यह घटना हुई, तब मैं उस जगह पर मौजूद नहीं था. मैं एक जलसे में शामिल होने गया था. मुझे गलत आरोपों में फंसाया जा रहा है. मैं मोथा बारी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगा, और चूंकि मुझे अपनी जीत का पूरा भरोसा है, इसलिए विरोधी इस तरह की समस्याएं खड़ी कर रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इसके पीछे ISF और AIMIM का हाथ है, उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है.
बीते बुधवार को मालदा जिले के मोथाबाड़ी इलाके में एक बड़े प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर सात न्यायिक अधिकारियों को स्थानीय बीडीओ कार्यालय में बंधक बना लिया गया था, जबकि एक अन्य अधिकारी को करीब नौ घंटे तक वाहन में बंद रखा गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस पर हमला किया.
अब तक इस मामले में राज्य के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद निर्वाचन आयोग ने एनआईए को इस घटना की जांच सौंपी है.
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