एक 'डिलीट' बटन और 70 हजार करोड़ गायब! जानिए फेमस बिरयानी रेस्टोरेंट्स में कैसे हुआ हाईटेक फर्जीवाड़ा

दावा किया कि उन्हें बिलिंग रिकॉर्ड में व्यवस्थित रूप से की गई हेराफेरी और बदलाव के संकेत मिले हैं, जिससे रेस्तरां को कारोबार को कम करके दिखाने और कर देनदारियों को कम करने में मदद मिली होगी.

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  • हैदराबाद की तीन प्रमुख बिरयानी चेन के खिलाफ आयकर विभाग की जांच में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है.
  • जांच में पता चला कि बिलिंग सॉफ्टवेयर में बिक्री रिकॉर्ड मिटाने और बदलने की विशेष सुविधा का उपयोग किया गया था.
  • करीब साठ टेराबाइट डिजिटल डाटा और लगभग एक लाख सत्तर हजार रेस्टोरेंट्स के लेन-देन की जांच की जा रही है.
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हैदराबाद की तीन मशहूर बिरयानी चेन के खिलाफ आयकर विभाग की जांच ने एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है. जो जांच शुरू में सिर्फ इन तीन रेस्टोरेंट्स की टैक्स चोरी तक सीमित थी, वह अब 70,000 करोड़ रुपये के काले धन के खेल की ओर इशारा कर रही है. पिछले साल नवंबर में इन ब्रांड्स के ठिकानों और बड़े अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की गई थी, जिससे कई चौंकाने वाले डिजिटल सबूत मिले हैं.

सॉफ्टवेयर में था 'डाटा गायब' करने का सीक्रेट बटन

जांच में पता चला कि ये रेस्टोरेंट एक खास तरह के बिलिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे. इस सॉफ्टवेयर में एक 'बल्क डिलीट' फीचर था, जिसकी मदद से दुकानदार एक साथ पूरे महीने का बिक्री रिकॉर्ड मिटा सकते थे. इसके अलावा, बिलों को अपनी मर्जी से बदलने या हटाने की सुविधा भी थी. इसका मकसद सरकार को कम कमाई दिखाना था ताकि टैक्स की चोरी की जा सके.

60 TB डाटा और 1.7 लाख रेस्टोरेंट्स का कनेक्शन

अधिकारियों ने करीब 60 टेराबाइट डिजिटल डाटा और यूपीआई लेन-देन की बारीकी से जांच की है. इस जांच के दायरे में देशभर के लगभग 1.7 लाख रेस्टोरेंट्स आ गए हैं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, 2019-20 के बाद से अब तक करीब 70,000 करोड़ रुपये की कमाई छिपाई गई है. अकेले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह आंकड़ा 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है.

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हजारों PAN कार्ड रडार पर

जांच में यह भी सामने आया है कि हजारों पैन (PAN) कार्ड्स के जरिए बिक्री का रिकॉर्ड छिपाया गया. कई मामलों में तो एक-एक कार्ड पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी मिली है. फिलहाल आयकर विभाग डिलीट किए गए डाटा को वापस पाने (रिकवर करने) की कोशिश कर रहा है. जांच पूरी होने के बाद इन रेस्टोरेंट्स पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होना तय है.

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