- बंगाल में चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने हुमायूं कबीर पर बीजेपी से करोड़ों रुपये लेने का आरोप लगाया है.
- AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़कर बंगाल विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने का फैसला किया है.
- TMC ने एक स्टिंग वीडियो जारी किया जिसमें हुमायूं कबीर बीजेपी नेताओं से पैसों की बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर के खिलाफ एक कथित स्टिंग ऑपरेशन जारी कर उन पर बीजेपी से करोड़ों रुपये लेने और मुस्लिम वोटों को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं. वहीं, इन आरोपों के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है.
AIMIM ने तोड़ा गठबंधन
AIMIM की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हुमायूं कबीर के कथित खुलासों ने बंगाल के मुसलमानों की राजनीतिक नाजुक स्थिति को उजागर किया है. पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी ऐसे बयान या गतिविधि से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुस्लिम समुदाय की ईमानदारी और हितों पर सवाल उठें.
AIMIM ने कहा कि अब वह बंगाल विधानसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी और किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी. पार्टी के मुताबिक, दशकों की कथित ‘धर्मनिरपेक्ष सरकारों' के बावजूद बंगाल के मुसलमान आज भी सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़ित समुदायों में शामिल हैं.
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TMC का स्टिंग ऑपरेशन, BJP नेताओं से नजदीकी के आरोप
TMC ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुमायूं कबीर का बताया जा रहा एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह कथित तौर पर बीजेपी नेताओं के साथ पैसों की बातचीत करते सुने जा सकते हैं. TMC का आरोप है कि कबीर ने बीजेपी से करीब 1000 करोड़ रुपये की डील की और इसमें से 200 करोड़ रुपये एडवांस मिलने का दावा भी किया.
पार्टी के मुताबिक, वीडियो में मध्य प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का भी कथित तौर पर जिक्र है. हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है.
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TMC ने स्टिंग ऑपरेशन जारी कर लगाया आरोप
TMC मंत्री फिरहाद हकीम ने हुमायूं कबीर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'हुमायूं कबीर ने मुसलमानों को बीजेपी के हाथ बेच दिया है. वह एक गद्दार है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी की गंदी राजनीति का जवाब जनता देगी और पार्टी मुस्लिम मतदाताओं को बांटने की कोशिश कर रही है, खासकर मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में.
TMC नेता कुणाल घोष ने इसे '₹1000 करोड़ का चुनावी घोटाला' बताते हुए कहा कि बीजेपी ने ‘B टीम' और ‘C टीम' बनाकर हिंदू, मुस्लिम और मतुआ समुदायों को गुमराह करने की कोशिश की है. घोष ने सवाल उठाया कि अगर वीडियो में PMO का नाम लिया जा रहा है तो उसमें शामिल अधिकारियों की जांच क्यों नहीं हो रही और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में चुप क्यों है.
हुमायूं कबीर का पलटवार
हुमायूं कबीर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह स्टिंग वीडियो AI से तैयार किया गया फर्जी वीडियो है और TMC ने इसे उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत बनवाया है. उन्होंने दावा किया कि न तो उन्होंने किसी पार्टी से कोई पैसा लिया और न ही बीजेपी या PMO से उनके कोई गुप्त संबंध हैं.
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चुनाव से पहले बढ़ा बवाल
इस पूरे विवाद ने बंगाल की चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है. AIMIM के गठबंधन से अलग होने, TMC के गंभीर आरोपों और हुमायूं कबीर के इनकार के बीच अब सबकी नजर इस पर है कि क्या किसी केंद्रीय एजेंसी से इस मामले की औपचारिक जांच होती है या नहीं.












