तेलंगाना: TRS विधायकों को खरीदने के आरोपों पर BJP बोली- ये उपचुनाव हारने का डर

तेलंगाना पुलिस ने केसीआर की सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस के 4 विधायकों के खरीद-फरोख्त के मामले का भंडाफोड़ किया है. टीआरएस ने उपचुनाव को लेकर बीजेपी पर उसके विधायकों को 100 करोड़ रुपये का ऑफर दिए जाने का आरोप लगाया है.

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तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव ने बीजेपी पर साधा निशाना.

हैदराबाद. तेलंगाना में "ऑपरेशन लोटस" के आरोपों को बीजेपी ने एक उच्च-दांव वाले उप-चुनाव से जोड़ दिया है. बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) ने इस महीने की शुरुआत में अपनी पार्टी को राष्ट्रीय राजनीति में लॉन्च किया है. इसके बाद उपचुनाव जीतना उनके लिए जरूरी हो गया है. इसलिए टीआरएस बीजेपी पर ऐसे आरोप लगा रही है. बता दें कि  3 नवंबर को मुनुगोड़े में उपचुनाव होना है. 

दरअसल, तेलंगाना पुलिस ने केसीआर की सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस के 4 विधायकों के खरीद-फरोख्त के मामले का भंडाफोड़ किया है. टीआरएस ने उपचुनाव को लेकर बीजेपी पर उसके विधायकों को 100 करोड़ रुपये का ऑफर दिए जाने का आरोप लगाया है. 

टीआरएस के विधायक पायलट रोहित रेड्डी (Rohit Reddy) की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस एफआईआर (FIR) में कहा गया है कि दिल्ली के रहने वाले रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा और हैदराबाद निवासी नंद कुमार दोनों बीजेपी (BJP) से जुड़े हुए हैं. इन दोनों पर आरोप है कि वे टीआरएस विधायकों से मिले और पार्टी से इस्तीफा देकर अगले चुनाव में बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दिया. ऐसा करने के लिए उन्हें 100 करोड़ रुपये की पेशकश की गई. 

पुलिस ने गुप्त जानकारी मिलने के बाद एक फार्महाउस में छापा मारा था, जहां तीनों को पकड़ा गया है. ये तीनों फर्जी पहचान के साथ हैदराबाद आए थे. तीनों पर एफआईआर होने के बाद हिरासत में लिया गया है. पुलिस एफआईआर में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने विधायकों को यह भी कहा कि अगर वे बीजेपी में शामिल नहीं हुए, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और उनपर ईडी/सीबीआई के छापे मारे जाएंगे. विधायकों पर टीआरएस पार्टी के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार को गिराए जाने का भी दबाव बनाया गया. पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं सहित भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 8 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है .

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इस बीच केंद्रीय मंत्री और सिकंदराबाद से सांसद जी किशन रेड्डी ने कहा, "बीजेपी को (सरकार गिराने) कोई जल्दी नहीं है, हम 2023 के चुनाव तक इंतजार करेंगे." उन्होंने मांग की है कि अगर टीआरएस में हिम्मत है तो राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज के सामने अपने आरोपों को साबित करें या मामले की सीबीआई (CBI) जांच पर सहमत हो जाए. किशन रेड्डी ने कहा, "मुनुगोड़े उपचुनाव में आसन्न हार कवलकुंतला (केसीआर) के परिवार को सता रही है. इसलिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं."

इस बीच तेलंगाना बीजेपी ने कथित टीआरएस विधायक खरीद मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. बीजेपी के राज्य महासचिव परमिंदर रेड्डी ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. बीजेपी विधायक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की.  

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