- उत्तर भारत में ओलावृष्टि और बारिश से यूपी, एमपी, राजस्थान के किसानों की फसलों को भारी नुकसान
- राजस्थान के बीकानेर, जयपुर और श्रीगंगानगर में ओलों ने खेतों और सड़कों को पूरी तरह सफेद चादर में ढक दिया है
- MP के शिवपुरी और मंदसौर जिलों में ओलों की मोटी परत बिछने से सरसों, गेहूं और चना फसलों को नुकसान हुआ है
उत्तर भारत में मौसम ने ऐसी करवट ली है कि अप्रैल के महीने में जनवरी जैसा अहसास हो रहा है. यूपी, एमपी और राजस्थान के किसानों के लिए आज की सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं थी. आसमान से बरसे ओलों ने फसलों को इस कदर तबाह किया है कि लहलहाते खेत अब किसी बर्फीले मैदान जैसे नजर आ रहे हैं. तो वहीं हिमाचल के पहाड़ों पर कुदरत का गुस्सा हिमस्खलन बनकर डरा रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि अभी बारिश का दौर जारी रहेगा.
ओलों के बाद राजस्थान में खेतों में बिछी सफेद चादर
राजस्थान में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे भीषण रूप देखने को मिला है. बीकानेर के महाजन क्षेत्र और जयपुर के सिरसी और बिंदायका जैसे इलाकों में लगभग 20 मिनट तक इतनी भारी ओलावृष्टि हुई कि जमीन और रेतीले धोरे पूरी तरह सफेद हो गए. इसके अलावा श्रीगंगानगर में अर्जुनसर और राजियासर के बीच कुछ ही मिनटों में बड़े-बड़े ओलों ने खेतों और सड़कों को पूरी तरह ढक दिया, जिससे पूरा नजारा सफेद हो गया. वहीं हनुमानगढ़, जैसलमेर, नागौर और सीकर में भी भारी बारिश और ओले गिरे हैं. बेमौसम बारिश की वजह से सरसों, गेहूं और चने जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है और मंडियों में खुले में रखी फसलें भी भीगकर खराब हो गई हैं. मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मध्य प्रदेश में खेतों में ओलों की मोटी परत
मध्य प्रदेश में भी मौसम की मार से किसान बेहाल हैं. शिवपुरी और मंदसौर जिलों में भारी ओलावृष्टि के कारण खेतों में ओलों की मोटी परत बिछ गई. इस बेमौसम बारिश और ओलों के कहर से मध्य प्रदेश में सरसों, चना, गेहूं और टमाटर की फसलों को 40 से 50 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं.
यूपी के किसानों को भारी नुकसान
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और ओलों की वजह से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. खासतौर पर एनसीआर के इलाकों फसलों को नुकसान हुआ है. आगरा, नोएडा और रामपुर जैसे जिलों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की खड़ी फसलें खेतों में गिर गई हैं. गौतमबुद्धनगर सहित एनसीआर क्षेत्र में रबी की फसलें बड़े स्तर पर खराब हो गई हैं, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है. इस संकट को देखते हुए जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर तत्काल सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की है.
Hailstorm
हिमाचल में अटल सुरंग के पास भारी बर्फबारी का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल गया है. कई इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है. इस बीच प्रशासन ने अटल सुरंग के पास हिमस्खलन की चेतावनी जारी है. अधिकारियों ने हिमस्खलन के खतरे का हवाला देते हुए सुरंग के उत्तरी प्रवेश द्वार के पास पर्यटकों की आवाजाही और कमर्शियल एक्टिविटी पर प्रतिबंधित लगा दिया. शिमला और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ओलावृष्टि के बाद बारिश हुई तथा तेज हवाएं चलीं, जबकि कई स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि, गरज, आकाशीय बिजली चमकने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के लिए ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है. ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर के लिए तीन तथा चार अप्रैल को गरज, बिजली चमकने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के लिए ‘यलो' अलर्ट जारी किया गया.
महाराष्ट्र में बारिश से फसलों को नुकसान, नासिक में दो लोगों की मौत
महाराष्ट्र के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राज्य में 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फसल को नुकसान की सूचना मिली है. अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई है. राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करेगी. उन्होंने बताया कि नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए कई क्षेत्रों में सर्वेक्षण जारी है. राज्य कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसका प्रभाव उत्तरी महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा विदर्भ के कुछ हिस्सों में गंभीर रहा है, जिससे 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजीनगर शामिल हैं, जहां खड़ी और कटी हुई रबी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है.
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जम्मू-कश्मीर में बारिश के बाद बदला मौसम
जम्मू-कश्मीर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, जिसकी वजह से तापमान में गिरावट आई है. बारामूला में लगातार बारिश के कारण राजमार्ग पर कई जगहों पर जलभराव हो गया है. मौसम विभाग ने कश्मीर और जम्मू संभाग के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश, बर्फबारी (ऊंचे इलाके) और कुछ समय के लिए बहुत तेज बारिश होने का अनुमान जताया है. 5-7 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. 8-9 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश, बर्फबारी हो सकती है. भारी बारिश से कुछ संवेदनशील जगहों पर अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं होने की संभावना बन सकती है.
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