गोवा नाइट क्लब अग्निकांड LIVE: 10 दिन बाद भारत लाए गए लूथरा ब्रदर्स, थाइलैंड से दिल्ली लेकर पहुंचे अधिकारी

गोवा पुलिस ने इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं. क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोडक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, राजीव सिंघानिया और गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

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  • गोवा के नाइट क्लब में हुई घटना के आरोपियों को मंगलवार को भारत लाया गया
  • सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड पुलिस ने हिरासत में लिया था
  • दोनों आरोपियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर गोवा पुलिस के हवाले किया जाएगा
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नई दिल्ली:

गोवा नाइट क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को आज वापस भारत ले आया गया.  नाइट क्लब में आग लगने की घटना के बाद दोनों भाई भारत से भागकर फुकेट पहुंच गए थे. हालांकि, भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों के पासपोर्ट को सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद थाइलैंड के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. यही नहीं, भारत ने दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी कर दिया था. आज दोनों भाइयों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है. इसके बाद गोवा पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाएगी. 

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय दूतावास ने दोनों के लिए इमरजेंसी ट्रेवल सर्टिफिकेट जारी किया था. थाईलैंड की एक कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें निर्वासित कर दिल्ली लाया गया. 

गोवा पुलिस ने लिया हिरासत में

भारत पहुंचने के साथ ही अब गोवा पुलिस दोनों ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. गोवा पुलिस अब इनसे पूछताछ करेगी. अरपोरा ग्राम पंचायत ने लूथरा ब्रदर्स को हाई प्रायॉरिटी के आधार पर ट्रेड लाइसेंस जारी किया था. गोवा पुलिस यह सवाल पूछेगी कि यह कैसे मिला, इतना हाय प्रयोरिटीज क्यों दी गई, किसके कहने पर दी गई?

साल 2023 में आवेदन देने के मात्र चार दिनों के भीतर पंचायत ने तुरंत मंजूरी दे दी, जबकि अन्य संबंधित विभागों से अनिवार्य एनओसी और आवश्यक अनुमतियां उस समय मौजूद नहीं थीं।

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क्या हुआ था गोवा में?

पिछले महीने गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन' नाइट क्लब में भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर क्लब के कर्मचारी और कुछ टूरिस्ट शामिल थे. आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच जारी है. रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसे के पीछे लापरवाही थी या तकनीकी खामी.

अब तक क्या-क्या हुई कार्रवाई?

गोवा पुलिस ने इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं. क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोडक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, राजीव सिंघानिया और गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा क्लब के पार्टनर अजय गुप्ता को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था. गुप्ता बीमारी का बहाना कर अस्पताल में भर्ती हो गया था, लेकिन पुलिस ने वहीं से उसे हिरासत में लिया. कोर्ट ने अजय गुप्ता को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.

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पुलिस अब सातवें आरोपी सुरिंदर कुमार खोसला की तलाश कर रही है. खोसला ने बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी नाम की फर्म के साथ 2023 में लीज साइन की थी, जिसके तहत क्लब चल रहा था. माना जा रहा है कि खोसला देश से बाहर है. इस पूरे मामले ने गोवा के पर्यटन उद्योग और नाइटलाइफ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोपों के बीच सरकार और पुलिस पर दबाव है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए.

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