136 साल के इतिहास में पहली बार भारतीय-अमेरिकी महिला हार्वर्ड लॉ रिव्यू की होंगी प्रमुख

अय्यर ने रिपोर्ट में कहा कि लॉ रिव्यू अध्यक्ष के रूप में, उनका उद्देश्य 'लेखों की समीक्षा एवं चयन की प्रक्रिया में और अधिक संपादकों को शामिल करना और ' उच्च गुणवत्ता वाले काम के लिए प्रकाशन की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है.'

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(फाइल फोटो)
न्यूयॉर्क:

हार्वर्ड लॉ स्कूल में द्वितीय वर्ष की एक भारतीय-अमेरिकी छात्रा को प्रतिष्ठित हार्वर्ड लॉ रिव्यू का अध्यक्ष चुना गया है, जो इस प्रतिष्ठित प्रकाशन के 136 साल के इतिहास में इस पद पर नामित होने वाली समुदाय की पहली महिला बन गई हैं.

‘द हार्वर्ड क्रिमसन' की एक रिपोर्ट में सोमवार को कहा गया कि अप्सरा अय्यर को हार्वर्ड लॉ रिव्यू का 137वां अध्यक्ष चुना गया, जिसकी स्थापना 1887 में हुई थी और यह छात्रों द्वारा संचालित सबसे पुराने कानूनी छात्रवृत्ति प्रकाशनों में से एक है.

अय्यर ने रिपोर्ट में कहा कि लॉ रिव्यू अध्यक्ष के रूप में, उनका उद्देश्य 'लेखों की समीक्षा एवं चयन की प्रक्रिया में और अधिक संपादकों को शामिल करना और ' उच्च गुणवत्ता वाले काम के लिए प्रकाशन की प्रतिष्ठा को बनाए रखना है.'

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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