भारत में बैठकर ऑस्‍ट्रेलियाई नागरिकों से करोड़ों ठगे... हैदराबाद में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 9 गिरफ्तार

पुलिस ने एक फर्जी अंतरराष्‍ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी ऑस्‍ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाते थे. इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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  • एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से करोड़ रुपए ठगे.
  • हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को ठगने के आरोप में 9 लोगो को गिरफ्तार किया है.
  • चोरी की धनराशि म्यूल खातों और हवाला नेटवर्क से भारत भेजी जाती थी, जिससे मनी ट्रेल को छुपाने की कोशिश होती थी.
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हैदराबाद:

साइबराबाद पुलिस ने एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जिसने पिछले दो सालों में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से करीब 8 से 10 करोड़ रुपए  की ठगी को अंजाम दिया है. यह कॉल सेंटर "रिज आईटी सॉल्यूशंस" नाम से आईटी सेवा प्रदाता के रूप में हैदराबाद के मधापुर इलाके में संचालित हो रहा था. साइबराबाद स्पेशल ऑपरेशंस टीम (Cyberabad Special Operations Team) ने साइबर क्राइम पुलिस के साथ मिलकर इस अवैध धंधे में शामिल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होंगी.

साइबराबाद के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और विदेशी लिंक और मनी ट्रेल की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है.

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इस तरह से ठगी की वारदात को देते थे अंजाम 

  • आरोपी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को फर्जी पॉप-अप और ईमेल भेजकर संपर्क शुरू करते थे और फिर उन्‍हें झूठी चेतावनी देते थे कि उनके कंप्यूटर हैक हो गए हैं, जब वे (ऑस्ट्रेलियाई नागरिक) पॉप-अप में दिखाए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करते थे तो यह कॉल सीधे रिज आईटी सॉल्यूशंस से जुड़े एक्स-लाइट एप्लिकेशन के माध्यम से रूट हो जाती थीं. 
  • इसके बाद आरोपी सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति का इस्तेमाल करके पीड़ितों को रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर AnyDesk इंस्टॉल करने के लिए राजी कर लेते थे. इस तरह वे पीड़ितों के सिस्टम पर पूरा नियंत्रण हासिल करते थे, उनके ऑनलाइन बैंकिंग क्रेडेंशियल्स तक पहुंच बनाते थे और फिर बिना अनुमति के बड़ी रकम ट्रांसफर कर लेते थे. 
  • चोरी की गई धनराशि सीधे भारत नहीं भेजी जाती थी. इसके बजाय यह धनराशि पहले भारतीय नागरिकों और ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले छात्रों के ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी. 
  • अपराधियों द्वारा इस्‍तेमाल इन "म्यूल खाते" ट्रांसफर के शुरुआती बिंदु के रूप में काम करते थे, जिसके बाद हवाला नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन जैसे अवैध वित्तीय मार्गों का इस्तेमाल करके धनराशि को भारत भेजा जाता था. 

    छापेमारी के दौरान पुलिस को क्‍या पता चला? 

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने 45 ऑस्ट्रेलियाई बैंक खातों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूतों को जब्‍त किया है, जिससे यह पता चलता है कि दो साल की अवधि में सैकड़ों ऐसे खातों का दुरुपयोग किया गया होगा.

    पुलिस ने इस रैकेट के मुख्य आरोपियों की पहचान प्रवीण और प्रकाश के रूप में की है, जो खम्मम जिले के मूल निवासी और चचेरे भाई हैं. दोनों ने पिछले साल फर्जी कॉल सेंटर की स्थापना की थी. इसके बाद उन्होंने कोलकाता से सात टेली-कॉलर्स की भर्ती की, उनके रहने की व्यवस्था की और उन्हें साइबर धोखाधड़ी के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया. 

    खम्मम के दो स्थानीय कार्यकर्ता 30 साल के येपुरी गणेश और 26 साल के मरमपुडु चेन्ना केशव मधापुर में कार्यालय की दैनिक व्यवस्था और कर्मचारियों की आवाजाही का प्रबंधन करते थे. 

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    गिरफ्तार लोगों में दो स्थानीय प्रबंधक और सात टेली-कॉलर भी हैं. इनमें ओडिशा निवासी एजाज अहमद (42), संबित रॉय (27), शन्निक बनर्जी (24), मौमिता मलिक (33), शिल्पी समद्दर (33), कुणाल सिंह (37) और मौमिता मंडल (27) शामिल हैं, यह सभी कोलकाता के रहने वाले हैं. 

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने 12 एचपी कंप्यूटर, 21 मोबाइल फोन, दो टीपी-लिंक राउटर, एक महिंद्रा थार एसयूवी, तीन रबर स्टैम्प और आरोपी येपुरी गणेश का पासपोर्ट सहित महत्वपूर्ण सामग्री जब्‍त की है.  

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    साइबराबाद पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

    साइबराबाद पुलिस ने प्रवासी भारतीय अभिभावकों और विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों को एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उनसे आग्रह किया गया है कि वे अपने अंतरराष्ट्रीय बैंक खातों को किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के साथ साझा न करें. न ही उन्‍हें किराए पर दें और न ही उन्‍हें बेचें.  

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह का काम अवैध हैं और गंभीर आपराधिक दायित्व का कारण बन सकते हैं, क्योंकि इन खातों का नियमित रूप से साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है.  

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    नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे साइबर धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्ट 1930 डायल करके या साइबराबाद व्हाट्सएप नंबर 9490617444 पर संपर्क करके करें. 

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