भारत क्यों है UNSC की परमानेंट सीट का मजबूत दावेदार? ये 5 आंकड़े देते हैं गवाही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि UNSC में सुधार को अब और नहीं टाला जा सकता. UN ने भी इसका समर्थन किया है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
अभी 5 देश ही UNSC के परमानेंट मेंबर हैं.
NDTV/IANS
नई दिल्ली:

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की मांग का मुद्दा BRICS में भी उठा. इस मुद्दे को किसी और ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उठाया पीएम मोदी ने कहा कि UNSC में सुधार अब और टाला नहीं जा सकता. 

संयुक्त राष्ट्र ने भी इस बात को मान लिया है. UN के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों को 1945 के बजाय 2026 की जरूरतों के हिसाब से ढलना होगा.

भारत लंबे समय से UNSC में रिफॉर्म की मांग करता आ रहा है और भारत के लिए परमानेंट सीट मांग रहा है. भारत की इस मांग का समर्थन करने वाले भी बहुत हैं. एलन मस्क ने भी जनवरी 2024 में कहा था कि भारत का UNSC में परमानेंट मेंबर न होना बकवास है.

क्या है UNSC? भारत क्यों परमानेंट सीट चाहता है? भारत का दावा कितना मजबूत है? जानते हैं.

क्या है UNSC?

दूसरे विश्व युद्ध के बाद 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र (UN) का गठन हुआ था. आज 193 देश इसके सदस्य हैं. 

Advertisement

UNSC यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद UN का ही एक हिस्सा है. अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा इसकी ही जिम्मेदारी है. इसमें 15 सदस्य हैं. 5 स्थायी और 10 अस्थायी. 

इसमें 5 स्थायी सदस्य- अमेरिका, चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन हैं.  बाकी 10 अस्थायी सदस्य होते हैं. अस्थायी सदस्यों में बहरीन, कोलंबिया, कॉन्गो, लातविया, लाइबेरिया, ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और जिंबाब्वे हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ेंः 5 महाद्वीप, 21 देश, दुनिया का हर दूसरा शख्स यहीं... मैप में देखें- कहां से कहां तक फैला है BRICS?

भारत का दावा कितना मजबूत? 5 आंकड़े

UNSC का परमानेंट मेंबर बनने की मांग भारत ऐसे ही नहीं कर रहा है. कई फैक्टर हैं जो बताते हैं कि भारत का दावा कितना मजबूत है. 

  • सबसे ज्यादा आबादी: भारत दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला मुल्क है. UNFPA के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 146.39 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं. पहले चीन सबसे ज्यादा आबादी वाला मुल्क हुआ करता था, लेकिन अब भारत है. तो भारत UNSC का परमानेंट मेंबर क्यों नहीं बन सकता?
  • बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत: आज दुनिया में सबसे ज्यादा उभरती कोई इकोनॉमी है तो वह भारत है. 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ रेट 7.8% रही है. IMF के डेटा के मुताबिक, अप्रैल 2026 तक भारत की GDP 4.15 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. IMF का अनुमान है कि 2028-29 तक भारत 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की इकोनॉमी होगी.
  • UN की पीसकीपिंग फोर्स में भारत: संयुक्त राष्ट्र की पीसकीपिंग फोर्स में भारत का बड़ा रोल है. 1950 से भारत इसका सदस्य है. 1948 से अब तक 2.90 लाख से ज्यादा भारतीय इसमें सेवा कर चुके हैं. UN के मुताबिक, अब भी 5,200 से ज्यादा भारतीय सैनिक अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं. पीसकीपिंग फोर्स में भारत चौथा सबसे बड़ा देश है.
  • न्यूक्लियर पावर वाला देश: भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास परमाणु हथियार हैं. SIPRI का डेटा बताता है कि भारत के पास 190 परमाणु हथियार हैं. अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और यूके भी न्यूक्लियर पावर हैं और सभी UNSC के परमानेंट मेंबर हैं, तो फिर भारत क्यों नहीं हो सकता?
  • 8 बार अस्थायी सदस्यता: भारत UNSC का आठ बार- 1950-51,  1967-68, 1972-72, 1977-78, 1984-85, 1991-92, 2011-12 और 2021-22 में अस्थायी सदस्य रह चुका है. 2028-29 की अस्थायी सदस्यता के लिए भी भारत ने दावा पेश किया है. अगर मिल जाती है तो 9वीं बार इसका अस्थायी सदस्य बन जाएगा. 

यह भी पढ़ेंः 400 करोड़ की आबादी, 70 लाख सैनिक और 38 ट्रिलियन डॉलर की GDP... अगर BRICS एक देश होता तो कितना बड़ा होता?

UNSC में बदलाव क्यों है जरूरी?

UNSC में बदलाव की मांग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई और देश भी कर रहे हैं. भारत का सबसे बड़ा तर्क यही है कि UNSC का ढांचा 1945 का है और इसे आज के समय के हिसाब से बदलना जरूरी है.

Advertisement

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी कई बार कह चुके हैं कि UNSC के ढांचे को समय के साथ बदलने की जरूरत है. 

भारत की मांग की वाजिब वजह भी है. भले ही UNSC का परमानेंट मेंबर बनने की कोई शर्त या नियम न हो, लेकिन आज भारत आबादी, आर्थिक और सैन्य, तीनों ही मामलों में बहुत मजबूत है, इसलिए UNSC का परमानेंट मेंबर बनने का दावा काफी मजबूत है.

Advertisement

UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का कई देश समर्थन भी करते हैं. अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस भी भारत को परमानेंट सीट देने की वकालत कर चुके हैं. हालांकि, चीन इसमें हर बार अड़ंगा डाल देता है. चीन UNSC का स्थायी सदस्य है, इसलिए जब भी भारत के हित में कोई प्रस्ताव आता है तो वह वीटो लगाकर उसे गिरा देता है.

भारत को UNSC में परमानेंट सीट तभी मिल सकती है, जब सभी पांचों स्थायी सदस्य उसका समर्थन करें. अगर एक देश भी खिलाफ है तो भारत को सीट नहीं मिलेगी.


Topics mentioned in this article
UNSC
United Nations Security Council
PM Narendra Modi
UNSC Reform
Unsc India