Exclusive: किश्तवाड़ में छिपा है जैश कमांडर सैफुल्लाह! पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ बना एक्शन प्लान

सुरक्षा एजेंसियों ने खास तौर पर चतरू और मरवा को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना है. इन इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादी देखे जाने की जानकारी मिली है. यही वजह है कि इन क्षेत्रों में अभियान को पहले से ज्‍यादा तेज और आक्रामक बनाने का निर्णय लिया गया है. 

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  • जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पाकिस्तानी आतंकवादियों की गतिविधियों को रोकने के लिए नई रणनीति बनाई गई है.
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू दौरे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अभियान को तेज और आक्रामक बनाया है.
  • आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए रियल टाइम खुफिया जानकारी जुटाने और तुरंत कार्रवाई पर जोर दिया गया है.
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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने और उन्हें काबू में करने के लिए एक नई और अधिक सक्रिय आतंकवाद-विरोधी रणनीति तैयार की है. किश्‍तवाड़ के इलाकों में जैश कमांडर सैफुल्लाह सहित कुछ पाकिस्‍तानी आतंकियों के देने जाने की जानकारी मिली है, जिसके बाद इस  रणनीति को बेहद अहम माना जा रहा है. यह रणनीति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिन पहले हुए जम्मू दौरे के बाद बनाई गई है. इस दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री ने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और चल रहे अभियानों की उच्च-स्तरीय समीक्षा की थी. 

सुरक्षा एजेंसियों ने खास तौर पर चतरू और मरवा को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना है. इन इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पाकिस्तानी आतंकवादी देखे जाने की जानकारी मिली है, जिनमें जैश कमांडर सैफुल्लाह का नाम भी शामिल है. पाकिस्तानी मूल का सैफुल्लाह अपने डिप्टी आदिल और अन्य जैश आतंकवादियों के साथ किश्तवार के जंगलों में घूमता हुआ दिखा है. उसकी कई तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं. यही वजह है कि इन क्षेत्रों में अभियान को पहले से ज्‍यादा तेज और आक्रामक बनाने का निर्णय लिया गया है.

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कड़ी निगरानी और ​​मजबूत नियंत्रण की योजना

इन क्षेत्रों में चल रहे अभियान के अलावा शांति भंग करने के आरोपी राष्ट्र-विरोधी तत्वों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए कड़ी निगरानी, ​​मजबूत क्षेत्रीय नियंत्रण और गहन घेराबंदी एवं तलाशी अभियान (सीएएसओ) की योजना बनाई गई है. सुरक्षाबलों के अधिकारियों को सक्रिय गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

साथ ही रात में निरंतर नियंत्रण बनाए रखने और आतंकवाद विरोधी तंत्र को मजबूत करने के लिए सेना और सीआरपीएफ के साथ घनिष्ठ अंतर-एजेंसी समन्वय पर जोर दिया गया है. 

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संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने पर जोर

आतंकवादियों को सुरक्षित स्थानों पर भागने से रोकने के लिए वास्तविक समय में खुफिया जानकारी जुटाने, सूचनाओं को शीघ्रता से साझा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है. 

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फील्ड अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए आक्रामक परिचालन रुख बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. 

स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के भी निर्देश

अधिकारियों को दूर दराज के इलाकों और वन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने, स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने और उग्रवादियों की गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. 

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किश्तवाड़ में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र पर निरंतर नियंत्रण और सामुदायिक सहभागिता जिले के आतंकवाद-विरोधी ढांचे के प्रमुख घटक बने रहेंगे. 
 

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