हर घंटे 56 सड़क हादसे, 20 की चली जाती है जान... भारत में रोड एक्सीडेंट के आंकड़े डराते हैं

सड़क हादसों से जुड़े जो आंकड़े सामने आए हैं वो बेहद डराने और चौकाने वाले हैं. आंकड़े बताते हैं कि हर साल सड़क 4.81 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, इन हादसों में हर साल 1.73 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सड़क हादसों में हर साल लाखों की संख्या में जाती है लोगों की जान
NDTV
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत में हर साल लगभग 4.81 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.73 लाख लोगों की मौत होती है
  • महीने के हिसाब से सड़क हादसों की संख्या लगभग 40,049 है, जिनमें 14,408 लोगों की जान जाती है
  • 2019 से 2023 के बीच सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई, 2023 में ये आंकड़ा 4,80,583 तक पहुंचा
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

दिल्ली के द्वारका में बीते दिनों हुए हिट-एंड-रन मामले ने एक मां से उसका लाडला छीन लिया. रईसजादे की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने साहिल धनेश्रा की बाइक में इतनी जबरदस्त टक्कर मारी की इस हादसे में उसकी जान चली गई. दिल्ली या फिर देश में सड़क हादसे की इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है. आंकड़े बताते हैं कि हर दिन, हर महीने और साल दर साल, ऐसे हादसों में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान बेवजह गंवा रहे हैं. सड़क हादसों से जुड़े जो आंकड़े सामने आए हैं वो बेहद डराने और चौकाने वाले हैं. आंकड़े बताते हैं कि हर साल सड़क 4.81 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, इन हादसों में हर साल 1.73 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं.

वहीं, बात अगर हर महीने होने वाले सड़क हादसों की करें तो ये आंकड़ा 40, 049 है. इन हादसों में हर महीने 14,408 लोगों की जान गई है. अगर हम इन हादसों को हर दिनों के हिसाब से देखें तो ये आकंड़ा 1,335 पर जाकर रुकता है. यानी हर दिन देश भर में कुल 1335 सड़क हादसे होते हैं, इन हादसों में 480 लोग अपने जान से हाथ धो बैठते हैं. इसी तरह भारत में हर घंटे कुल 56 सड़क हादसे हो रहे हैं, इन हादसों में 20 लोगों की जान जा रही है. 

अगर हम 2019 से 2023 तक के आंकड़ों की बात करें तो ये और डराते हैं. साल 2019 में कुल 4,56,959 सड़क हादसे हुए थे, वहीं 2020 में ये आंकड़ा 3,72,181 हो गया था. हालांकि, हमें ये भी याद रखना चाहिए कि 2020 वो साल था जब कोरोना ने पुरे देश को लॉकडाउन झेलने पर मजबूर कर दिया था. 2020 की तुलना में 2021 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 4,12,432 तक पहुंच गया था. जबकि 2022 और 2023 में ये आंकड़ा 4,61,312 और 4,80,583 तक पहुंच गया था. 

अगर बात इन हादसों में मारे गए लोगों की करें तो 2019 में ये आंकड़ा 1,58,984, था, 2020 में ये आंकड़ा 1,38,383 हो गया, वहीं 2021 में ये आंकड़ा 1,53,972, वर्ष 2022 में ये आंकड़ा 1,68,491 और 2022 में ऐसे हादसों में मरने वालों का आंकड़ा 1,72,890 तक पहुंच गया. 

यह भी पढ़ें: साहिल की मौत का कौन जिम्मेदार, नाबालिग कैसे चला रहा था कार? आरोपी के पिता ने कहा- I am Sorry

यह भी पढ़ें: उसने मेरे लिए जो लिखा था वो मैंने अब भी संभाल रखा है- थम नहीं रहे हादसे में मारे गए साहिल की मां के आंसू-VIDEO

Advertisement
Featured Video Of The Day
India AI Impact Summit 2026: Galgotias University के पवेलियन की बिजली काटी, कैंपस खाली करने का आदेश
Topics mentioned in this article