"इंजीनियर्ड नैरेटिव" : यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने दी प्रतिक्रिया

सीवी आनंद बोस ने कहा, ''अगर कोई मुझे बदनाम करके कुछ चुनावी लाभ चाहता है, तो भगवान उन्हें आशीर्वाद दें, लेकिन वे बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मेरी लड़ाई को नहीं रोक सकते."

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस (फाइल फोटो).
कोलकाता:

बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राजभवन की एक कर्मचारी की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने इसे "इंजीनियर्ड नैरेटिव" बताया है. उन्होंने कहा, "अगर कोई मुझे बदनाम करके कुछ चुनावी लाभ चाहता है, तो भगवान उन्हें आशीर्वाद दें, लेकिन वे बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मेरी लड़ाई को नहीं रोक सकते."

राजभवन ने एक्स पर पोस्ट की एक सीरीज में लिखा- "राजभवन के कर्मचारियों ने माननीय राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस के साथ एकजुटता व्यक्त की. माननीय राज्यपाल के खिलाफ दो असंतुष्ट कर्मचारियों द्वारा राजनीतिक दलों के एजेंट के रूप में कुछ अपमानजनक बातें प्रसारित की गईं थीं." 

राज्यपाल के खिलाफ यह आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सामने आए. पीएम मोदी के आज रात में कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है. वे राजभवन में रुकेंगे.

पुलिस के सूत्रों ने आज दोपहर में कहा कि, राजभवन में पीस रूम से जुड़ी एक अस्थायी कर्मचारी होने का दावा करने वाली एक महिला गवर्नर हाउस के अंदर स्थित पुलिस चौकी पर पहुंची और बोस पर उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया. उसे हेयर स्ट्रीट के स्थानीय पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उसने शिकायत दर्ज कराई. उसने गवर्नर पर उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है.

राज्यपाल पर आरोप राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए एक वरदान के रूप में सामने आए हैं. टीएमसी संदेशखाली में अपने नेता शेख शाहजहां के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर चिंतित है. राज्यपाल संदेशखाली की महिलाओं से बात करने वाले पहले लोगों में से थे और उन्होंने राज्य सरकार के बारे में सख्त टिप्पणी की थी.

Advertisement

तृणमूल की वरिष्ठ नेता शशि पांजा ने कहा, "हम पूरी तरह से स्तब्ध हैं. वही राज्यपाल जो महिलाओं के अधिकारों के बारे में बात करते हुए संदेशखाली पहुंचे थे, अब एक शर्मनाक घटना में शामिल हो गए हैं. उन्होंने अपने पद और अपनी कुर्सी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है."

उन्होंने कहा, "इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता कि एक राज्यपाल ऐसे जघन्य अपराधों में शामिल हो और वह भी राजभवन में... आज प्रधानमंत्री राज्य में आ रहे हैं और वह राजभवन में रुकेंगे. हम इस मामले पर उनकी प्रतिक्रिया जानना चाहते हैं." 

Advertisement

पत्रकार से नेता बनीं सागरिका घोष ने इस मामले को "चौंकाने वाला और भयावह" बताया.

यह मामला कर्नाटक के एक सांसद के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर बड़े पैमाने पर जारी विवाद के बीच आया है. इस मामले में बीजेपी को विपक्ष की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement

बीजेपी की सहयोगी पार्टी जनता दल सेक्युलर के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं से रेप करने का आरोप लगा है.

Featured Video Of The Day
Budget 2025 पर विपक्ष की आलोचना पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय बरसे: 'विपक्ष सिर्फ एक ही बात...'
Topics mentioned in this article