ED की ISIS लिंक्ड मॉड्यूल पर बड़ी कार्रवाई, 40 ठिकानों पर छापेमारी, ₹9.70 करोड़ की नकदी और सोना जब्त

छापेमारी के दौरान ED को कई आपत्तिजनक दस्तावेज,कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाला साहित्य,डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत भी मिले हैं. साथ ही आरोपियों और उनके करीबी लोगों की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ED ने मुंबई समेत देश के सात राज्यों में ISIS से जुड़े कट्टरपंथी मॉड्यूल के खिलाफ एक साथ छापेमारी की
  • जांच में लगभग ₹9.70 करोड़ की संपत्ति बरामद की गई, जिसमें नकद, सोने की ज्वेलरी और अन्य आभूषण शामिल हैं
  • जांच में पता चला कि खैर लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी से प्राप्त धन आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई टीम ने शुक्रवार को आतंक से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई ISIS से जुड़े अत्यधिक कट्टरपंथी मॉड्यूल से जुड़े साकिब नाचन और अन्य आरोपियों के मामले में की गई है.ED ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की है. ED ने मुंबई के पाडघा-बोरीवली इलाके के अलावा दिल्ली, कोलकाता, हजारीबाग, प्रयागराज, दमन और रत्नागिरी समेत कुल 40 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान करीब ₹9.70 करोड़ की चल संपत्ति बरामद की गई, जिसमें लगभग ₹3.70 करोड़ नकद और करीब ₹6 करोड़ की सोने की ज्वेलरी और बुलियन (हीरे जवाहरात व अन्य आभूषण) शामिल हैं. इसके अलावा आरोपियों और संदिग्धों से जुड़े 25 बैंक खातों को फ्रीज़ किया गया है.

छापेमारी के दौरान ED को कई आपत्तिजनक दस्तावेज,कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाला साहित्य,डिजिटल डिवाइस और अन्य सबूत भी मिले हैं. साथ ही आरोपियों और उनके करीबी लोगों की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं.ED ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच NIA द्वारा दर्ज FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी. यह मामला NIA द्वारा दर्ज एक FIR जुड़ा है, जिसमें IPC, UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं. जांच में सामने आया है कि आरोपी ISIS से जुड़े एक कट्टरपंथी मॉड्यूल का हिस्सा थे और भर्ती,ट्रेनिंग,हथियार और विस्फोटक जुटाने के साथ-साथ आतंकवादी गतिविधियों के लिए फंडिंग में शामिल थे.

जांच के दौरान मुंबई ATS से मिले खुफिया इनपुट में यह भी पता चला कि यह मॉड्यूल अवैध कमाई के कामों में शामिल था. खास तौर पर खैर (कैथ) लकड़ी की अवैध कटाई, तस्करी और बिक्री से होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था.ED की वित्तीय जांच में आरोपियों और उनके सहयोगियों के बीच बैंकिंग लेन-देन और हवाला नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं. इसी वजह से आरोपियों,उनके परिवार वालों करीबी साथियों और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े लोगों के ठिकानों को भी तलाशी के दायरे में लिया गया.

इसके अलावा ED ने उन कंपनियों और इकाइयों पर भी कार्रवाई की जो कत्था उत्पादन से जुड़ी हैं और जिन पर आरोप है कि वे आरोपियों से अवैध रूप से खैर लकड़ी खरीद रही थीं. छापेमारी के दौरान संदिग्ध खैर लकड़ी भी मिली, जिसे लेकर संबंधित वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. कहा जा रहा है कि इस मामले की जांच में अभी और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अंग्रेजी शिक्षा, स्कॉलरशिप, फीस... गुड शेफर्ड स्कूल चलाने वाले ग्रुप ने कैसे की 296 करोड़ के चंदे की हेराफेरी?

यह भी पढ़ें: महाराष्‍ट्र में ED की 40 जगह ताबड़तोड़ छापेमारी, जानिए रेड में क्‍या सामने आया

Featured Video Of The Day
Assam Elections 2026 | Priyanka Gandhi EXCLUSIVE! असम को लेकर NDTV पर किए कई खुलासे
Topics mentioned in this article