यूपी कोडीन सिरप रैकेट पर ED का शिकंजा: ₹100 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल को समन

रैकेट का खुलासा अक्टूबर-नवंबर में तब हुआ जब यूपी एफएसडीए (FSDA) ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की. जांच में सामने आया कि राज्य में 37 लाख से ज्यादा कफ सिरप की बोतलें अवैध रूप से बेची गईं, जिसके आरोप में नवंबर में 12 मेडिकल स्टोर मालिकों पर भी केस दर्ज किया गया.

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश में चल रहे कोडीन सिरप रैकेट के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का एक बड़ा मामला दर्ज किया है. यह संगठित रैकेट ₹100 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है, जिसमें कोडीन-युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री शामिल है. ईडी ने इस मामले के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को 8 दिसंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है. हालांकि, ईडी की टीम बुधवार सुबह उसके घर पहुंची, पर वह अभी भी फरार है.

इससे पहले, 30 नवंबर को रैकेट के एक अन्य आरोपी, शुभम के पिता भोला जायसवाल को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था, जब वह देश से भागने की कोशिश कर रहा था. बाद में उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया गया. पिता-पुत्र, भोला जायसवाल और शुभम जायसवाल पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के कई मामले दर्ज हैं.

इस रैकेट का खुलासा अक्टूबर-नवंबर में तब हुआ जब यूपी एफएसडीए (FSDA) ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की. जांच में सामने आया कि राज्य में 37 लाख से ज्यादा कफ सिरप की बोतलें अवैध रूप से बेची गईं, जिसके आरोप में नवंबर में 12 मेडिकल स्टोर मालिकों पर भी केस दर्ज किया गया. इस रैकेट का भंडाफोड़ एक ट्रक को जब्त करने के बाद हुआ था. जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने रांची में एक शेल कंपनी (Shell Company) का सेटअप बना रखा था और वे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में भी ये प्रतिबंधित सिरप भेज रहे थे. इसके अलावा, अवैध बिक्री को छिपाने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और मेडिकल रिकॉर्ड में हेराफेरी का भी खुलासा हुआ है.

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