दुबई का सबसे पुराना भारतीय परिवार और मंदिरों से इसका दशकों पुराना जुड़ाव

भाटिया ने कहा, ‘‘मेरे दिवंगत दादा और एक अन्य भारतीय दिवंगत धमनमल इस्सरदास ने इस मंदिर के लिए दिवंगत शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम से जमीन लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यह इस क्षेत्र का सबसे पुराना मंदिर बन गया.’’ उन्होंने बताया ‘मर्केंटाइल हिंदू कमेटी ऑफ थट्टा सिंध’ कृष्ण हवेली मंदिर का प्रबंधन करती है.

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दुबई:

अबू धाबी में एक विशाल नए मंदिर के निर्माण को लेकर उत्साह के बीच, 100 वर्षों से अधिक समय से यहां रह रहे एक भारतीय परिवार ने दुबई में मंदिरों के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि इस खाड़ी देश में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मूल नागरिक और प्रवासी के बीच कोई अंतर नहीं किया जाता. दीपक भाटिया के दादा उत्तमचंदन भाटिया 1920 में दुबई पहुंचे थे.

दीपक ने कहा, “वह संयुक्त अरब अमीरात के तत्कालीन उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम के साथ बड़े हुए और उनके बीच बहुत निकट दोस्ती रही.'' भाटिया दुबई में ‘अंकल शॉप बिल्डिंग मटेरियल ट्रेडिंग' के प्रबंध निदेशक हैं. उन्होंने बताया कि उनका परिवार दुबई में सबसे अधिक समय से रह रहा भारतीय परिवार है जो 104 साल से यहां है और उनके परिवार की चार पीढ़ियां खाड़ी देश में रही हैं.

भाटिया ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘यूएई बहुत उदार देश है और उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि यहां के नागरिकों एवं प्रवासियों के बीच कोई भेदभाव हुआ हो. इसी वजह से कई प्रवासियों के लिए उनका घर बन गया है और वे दशकों से यहां रह रहे हैं.'' भाटिया ने बताया कि इसके सबसे बड़े उदाहरणों में से एक बर दुबई में सबसे पुराना हिंदू मंदिर है, जो करीब 100 वर्ष प्राचीन और दुबई की सबसे पुरानी मस्जिद अल-फहिदी के सामने है.

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उन्होंने कहा, ‘‘यह दो धर्मों के लोगों द्वारा शांति और सद्भाव के साथ एक ही समय पर प्रार्थना किए जाने का एक सटीक उदाहरण है.''

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भाटिया ने कहा, ‘‘मेरे दिवंगत दादा और एक अन्य भारतीय दिवंगत धमनमल इस्सरदास ने इस मंदिर के लिए दिवंगत शेख राशिद बिन सईद अल मकतूम से जमीन लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यह इस क्षेत्र का सबसे पुराना मंदिर बन गया.'' उन्होंने बताया ‘मर्केंटाइल हिंदू कमेटी ऑफ थट्टा सिंध' कृष्ण हवेली मंदिर का प्रबंधन करती है.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय यात्रा पर मंगलवार को यहां आने के बाद अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे. भारत में खाड़ी देश के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने प्रधानमंत्री मोदी की संयुक्त अरब अमीरात यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘‘बहुत महत्वपूर्ण'' बताते हुए सोमवार को कहा कि इस मंदिर का उद्घाटन ‘‘सह-अस्तित्व, स्वीकृति और सहिष्णुता'' के मूल्यों का प्रतीक है.

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अलशाली ने ‘पीटीआई वीडियो' से कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप आने वाले वर्षों में और क्षेत्रों में सहयोग देखेंगे...आप इस रिश्ते को मजबूत होते देखेंगे.'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को अबू धाबी में बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे, जो संयुक्त अरब अमीरात में पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर है.

बीएपीएस हिंदू मंदिर करीब 27 एकड़ जमीन पर बनाया गया है और इस मंदिर का निर्माण कार्य 2019 से जारी है. इस मंदिर के लिए जमीन संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने दान की है. संयुक्त अरब अमीरात में तीन अन्य हिंदू मंदिर हैं जो दुबई में स्थित हैं. पत्थर की वास्तुकला के साथ एक बड़े इलाके में फैला बीएपीएस मंदिर खाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़ा मंदिर होगा.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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