दिल्ली में खराब मौसम के चलते सिद्धारमैया की विशेष उड़ान को डायवर्ट कर जयपुर उतारना पड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट दिल्ली में खराब विजिबिलिटी और खराब मौसम के कारण अपना रास्ता बदलते हुए जयपुर भेजी गई.
सिद्धारमैया की फ्लाइट शाम करीब 8.15 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड हुई, जहां वे VIP लाउंज में इंतजार करते नजर आए. बताया जा रहा है कि ईंधन भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उड़ान फिर से दिल्ली के लिए रवाना होगी.
कौन-कौन था साथ?
इस फ्लाइट में कुल 9 लोग सवार थे, जिनमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं.
- रणदीप सिंह सुरजेवाला (एआईसीसी महासचिव, राज्य प्रभारी)
- मंत्री के. जे. जॉर्ज
- मंत्री बायराठी सुरेश
- कानूनी सलाहकार के. एस. पोनन्ना
- एमएलसी डॉ. यथीन्द्र सिद्धारमैया (CM के पुत्र)
- एआईसीसी सचिव अभिषेक दत्त
यह भी पढ़ें- कर्नाटक में वो हुआ जो राजस्थान, छत्तीसगढ़ में हो न सका, कांग्रेस में हाईकमान कल्चर ला रहे राहुल गांधी?
मौसम बना वजह
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट को लैंडिंग क्लियरेंस नहीं मिल सका, जिसके चलते एहतियातन विमान को जयपुर डायवर्ट किया गया.
दिल्ली में कल अहम बैठक
कर्नाटक के सीएम पद से इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया का दिल्ली दौरा बेहद अहम माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, उनकी कल सुबह 9 बजे राहुल गांधी से मुलाकात तय है, जिसमें कर्नाटक की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हो सकती है.
कर्नाटक पॉलिटिक्स भी गरम
इस बीच कर्नाटक की राजनीति भी तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक, डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंच चुके हैं, ऐसे में हाईकमान स्तर पर बड़े फैसलों की अटकलें तेज हो गई हैं.
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि सिद्धारमैया की फ्लाइट कब दिल्ली पहुंचती है और राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक में क्या बड़े राजनीतिक संकेत निकलकर सामने आते हैं.
आज शाम ही दिया है सीएम पद से इस्तीफा
बता दें कि आज शाम ही सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और खुद यह ऐलान किया कि डीके शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे. इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि पार्टी हाईकमान के निर्देश मिलते ही वह पद छोड़ देंगे. उन्होंने बताया, 'हाईकमान ने दो दिन पहले ही मुझसे इस्तीफा देने को कहा था, इसलिए मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया.' सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब राज्य की कमान डीके शिवकुमार संभालेंगे.
इस दौरान सिद्धारमैया ने अपने 50 साल के लंबे राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया. साथ ही उन्होंने NDTV की खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि हाईकमान की ओर से उन्हें राज्यसभा जाने का सुझाव दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया. सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और वे कर्नाटक में ही रहकर विधायक (MLA) के तौर पर सक्रिय राजनीति जारी रखेंगे.














