दिवाली के अगले दिन ड्रोन फुटेज में धुंध की मोटी परत में लिपटी दिखी दिल्ली 

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में गिरावट को रोकने के लिए लगाए गए कई प्रतिबंध अभी जारी रहेंगे. स्कूल बंद कर दिए गए हैं और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
साकेत (दिल्ली):

दिल्ली में दिवाली के बाद की सुबह सांस लेने की जद्दोजहद इस साल भी जारी रही. उत्तर भारत में पराली जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण में रविवार से पटाखों का धुंआ भी शामिल हो गया, जिससे धुंध की मोटी परत बन गई. सोमवार सुबह लिए गए एक ड्रोन फुटेज में राष्ट्रीय राजधानी में सड़कों पर छाई धुंध और काफी कम दृश्यता को साफ देखी जा सकती है.

ड्रोन की तस्वीरों में दिल्ली के साकेत इलाके में वायु प्रदूषण के पैमाने को देखा गया. जैसे ही ड्रोन प्रमुख इलाके में गया, धुएं की परत ने तस्वीरों को धुंधला कर दिया.

दिल्ली में कल दिवाली के दिन पिछले आठ सालों में सबसे अच्छी वायु गुणवत्ता देखी गई, लेकिन शाम को पटाखों की गूंज के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ गया. आज सुबह शहर धुंध से भर गया और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले पीएम2.5 जैसे प्रदूषकों में बढ़ोतरी दर्ज की गई.

गुरुवार की रात हुई बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी को जहरीली हवा से कुछ राहत दी थी, लेकिन पटाखों के प्रदूषण ने इसे फिर से खतरे में डाल दिया. दिल्ली में आज सुबह AQI 300 था, जो दिवाली के बाद की सुबह के 2022 के आंकड़े के करीब है.

प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में कई प्रतिबंध जारी
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता में गिरावट को रोकने के लिए लगाए गए कई प्रतिबंध अभी जारी रहेंगे. स्कूल बंद कर दिए गए हैं और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि सरकार हवाई आपात स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही है.

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में वायु प्रदूषण को देखते हुए लोगों से पटाखे जलाने से बचने की अपील की थी.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: Khamenei के बेट के Supreme Leader बनने पर Trump का बड़ा बयान!