दिल्ली में ठंड का यू-टर्न, मार्च में लौटी ठिठुरन, टूटा 6 साल का रिकॉर्ड, आज कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में मार्च महीने में मौसम ने यू-टर्न लिया है. दो-तीन दिन से हो रही बारिश के बाद कई जगहों पर पारा 10 डिग्री तक गिर गया है. कुछ दिन पहले जहां गर्मी का अहसास हो रहा था वहीं अब मौसम सुहावना हो गया है.

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  • दिल्ली-एनसीआर में अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को 10 डिग्री तक गिराकर ठंडक बढ़ाई
  • 20 मार्च को दिल्ली में पिछले 6 वर्षों का सबसे ठंडा दिन दर्ज हुआ, अधिकतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा
  • मार्च में सामान्य से 22 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जिससे मौसम में असामान्य बदलाव और ठंडक आई है
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मार्च का महीना आते ही जहां दिल्लीवाले गर्मी से बचने के लिए पंखे और एसी की सर्विसिंग कराने लगे थे, वहीं कुदरत ने अचानक ऐसा खेल दिखाया कि लोगों को वापस रजाई और कंबल निकालने पड़ गए. होली के आसपास अधिकतम तापमान 35 डिग्री के करीब पहुंच गया था, लेकिन अब लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने पूरी दिल्ली-एनसीआर को फिर से सर्दियों का अहसास करा दिया है. शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश ने न केवल पारे को 10 डिग्री तक नीचे धकेल दिया, बल्कि 20 मार्च के दिन को पिछले 6 साल का सबसे ठंडा दिन बना दिया.

पिछले 6 सालों का सबसे ठंडा दिन

शुक्रवार का दिन दिल्ली में पिछले छह सालों में सबसे सर्द दर्ज किया गया. इस दिन अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री गिरकर 21.7 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. इससे पहले 8 मार्च 2020 को अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा था. बारिश के मामले में भी इस बार मार्च ने रिकॉर्ड तोड़ा है. 20 मार्च तक आमतौर पर 13.1 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 22 फीसदी अधिक (16 मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में तो दोपहर के समय तापमान 13 से 19 डिग्री तक लुढ़क गया.

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आखिर क्यों बदला मौसम का मिजाज?

इस अचानक आए बदलाव का मुख्य कारण एक असामान्य पश्चिमी विक्षोभ है. आम तौर पर पश्चिमी विक्षोभ घुमावदार होते हैं और सर्दियों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं. लेकिन इस बार यह अफगानिस्तान, पाकिस्तान से होते हुए भारत तक करीब 1000 किलोमीटर लंबी एक सीधी ट्रफ के रूप में बन गया है. साथ ही, ऊंचाई पर चलने वाली बर्फीली हवाओं और हवा के कई छोटे-बड़े चक्रवातों के आपस में टकराने से मौसम की तीव्रता और बढ़ गई है. यही वजह है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दिल्ली सहित मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है.

दिल्ली को मिली साल की सबसे साफ हवा

इस बेमौसम बारिश और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली के पर्यावरण को हुआ है. हवा में प्रदूषकों का फैलाव होने से राजधानी को इस साल की सबसे साफ हवा नसीब हुई. शुक्रवार को शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 98 पर आ गया, जो रात होते-होते 89 तक गिर गया. सीपीसीबी (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, आईटीओ (59), लोदी रोड (56) और आईआईटी दिल्ली (59) जैसे प्रमुख इलाकों में एक्यूआई बेहद संतोषजनक स्तर पर पहुंच गया.

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आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

अगर आप सोच रहे हैं कि यह ठंड लंबे समय तक टिकेगी, तो ऐसा नहीं है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 मार्च यानी आज से आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और धूप खिलेगी. 22 मार्च से तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी और 23 से 26 मार्च के बीच अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं, यानी अगले 2-3 दिनों में गर्मी फिर से अपनी पूरी वापसी कर लेगी. हालांकि कल एक नया लेकिन कमजोर पश्चिमी विक्षोभ भी दस्तक दे सकता है.

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