जल्दी बैठक बुलाइए और एयर प्यूरीफायर पर GST कम करिए, राजधानी में प्रदूषण पर दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गिरती वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और जीएसटी परिषद को एयर प्यूरीफायर पर लगने वाले जीएसटी की दर घटाने या समाप्त करने पर तत्काल विचार करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत देने के लिए परिषद का जल्द से जल्द बैठक करना आवश्यक है.

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  • दिल्ली HC ने केंद्र सरकार और GST परिषद को एयर प्यूरीफायर पर GST दर घटाने या खत्म करने का निर्देश दिया.
  • अदालत ने परिषद की जल्द बैठक कर एयर प्यूरीफायर पर टैक्स में राहत देने की आवश्यकता जताई है.
  • केंद्र सरकार ने बताया कि पूरे देश में GST परिषद की बैठक बुलाने में समय लगता है, लेकिन जल्द कार्रवाई जरूरी है.
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दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में लगातार खराब होती एयर क्वालिटी को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल को एयर प्यूरीफायर पर लगने वाले GST की दर घटाने या खत्म करने पर तत्काल विचार करने का निर्देश दिया है. अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राहत देने के लिए परिषद का जल्द से जल्द बैठक करना जरूरी है.

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 26 दिसंबर को तय की है. अदालत चाहती है कि तब तक संबंधित प्राधिकरणों की ओर से नियुक्त वकील यह स्पष्ट करें कि परिषद की बैठक कब आयोजित की जा सकती है. अदालत ने यह भी कहा कि यदि आमने‑सामने बैठक संभव नहीं हो, तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी बैठक बुलाई जा सकती है.

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'बैठक बुलाने में समय लगता है'

केंद्र सरकार ने अदालत को अवगत कराया कि जीएसटी परिषद पूरे देश में स्थापित एक जटिल संस्था है और किसी भी मुद्दे पर बैठक बुलाने में समय लगता है. इस पर पीठ ने कहा कि वह काउंसिल की संरचना से अवगत है, लेकिन दिल्ली‑एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए जल्द कार्रवाई जरूरी है.

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'एयर प्यूरीफायर को मेडिकल इक्विपमेंट माना जाए'

कोर्ट ने इस मामले में केंद्र को नोटिस जारी किया है. यह जनहित याचिका (PIL) अधिवक्ता कपिल मदन ने दायर की है, जिसमें मांग की गई है कि एयर प्यूरीफायर को 'चिकित्सा उपकरण' की श्रेणी में रखा जाए और उन पर लगने वाला जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया जाए. 

'लग्जरी नहीं है एयर प्यूरीफायर'

याचिका के अनुसार, दिल्ली में खतरनाक स्तर के प्रदूषण की स्थिति में एयर प्यूरीफायर किसी भी तरह से लग्जरी चीज नहीं माने जा सकते.

अदालत ने सरकार की इस बात पर नाराजगी भी जताई कि 'आपात स्थिति' के बावजूद एयर प्यूरीफायर पर टैक्स में किसी राहत पर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है, जबकि एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार ‘बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है. याचिका में तर्क दिया गया है कि घर के भीतर स्वच्छ हवा अब स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य हो चुकी है, ऐसे में एयर प्यूरीफायर जैसी जरूरी वस्तुओं पर उच्च जीएसटी दर लगाना आम जनता पर मनमाना और असंगत बोझ है.

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