दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के बाद केंद्र सरकार और एनसीआरसीटीसी का फोकस दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रूट पर है, इन्हें प्रॉयोरिटी कॉरिडोर यानी प्राथमिकता में रखा गया है. लेकिन इसके साथ ही दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर का भी प्लान बन रहा है, जो दिल्ली से हरियाणा के बीच रैपिड रेल का नया रूट होगा. दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल नमो भारत कॉरिडोर की लंबाई करीब 60 किलोमीटर हो सकती है. नमो भारत ट्रेनों की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है. हालांकि रैपि की अधिकतम डिजाइन स्पीड और रैपिड रेल को 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ाया जा सकता है. दिल्ली से पलवल की दूरी सड़क या लोकल ट्रेन से तय करने में अभी 1.5 से 2 घंटे लगते हैं.इस कॉरिडोर के बनने के बाद इसे 45 से 50 मिनट में पूरा किया जा सकता है.
दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल नमो भारत रूट
दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल नमो भारत रूट दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होगा. ये हरियाणा के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों से गुजरते हुए पलवल तक जाएगा. नमो भारत कॉरिडोर के रूट पर ये स्टेशन बनाए जा सकते हैं.हालांकि इस कॉरिडोर की डीपीआर की अंतिम मंजूरी के समय अलाइनमेंट के आधार पर स्टेशनों की सटीक संख्या और उनके नामों में बदलाव किए जा सकते हैं.इसके स्टेशनों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यात्री बिना किसी परेशानी के भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और अंतर राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) के बीच सीधे आ जा सकेंगे. इससे दिल्ली-फरीदाबाद रूट (NH-44) और मथुरा रोड पर गाड़ियों का दबाव बहुत कम हो जाएगा, जिससे प्रदूषण में भारी कमी आएगी. फरीदाबाद, वल्लभगढ़ और पलवल के लिए दिल्ली या एनसीआर शहरों से आवाजाही आसान हो जाएगी.पूरे इलाके में रियल एस्टेट और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा.
दिल्ली का सराय काले खां रैपिड रेल स्टेशन
नमो भारत कॉरिडोर: दिल्ली का सराय काले खां (Sarai Kale Khan) रैपिड रेल रूट का मुख्य इंटरचेंज हब होगा. यहीं से दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-अलवर रैपिड रेल रूट भी जुड़े रहेंगे. यानी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक सफर में कहीं भी जा सकेंगे. सराय काले खां में मेट्रो, रेलवे और अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा भी है. ओखला, बदरपुर (Okhla, Badarpur)को दिल्ली और हरियाणा बॉर्डर जोड़ने वाला ट्रांजिट पॉइंट बनाया जा सकता है.
हरियाणा में नमो भारत का रूट
इस रैपिड रेल कॉरिडोर में हरियाणा का पहला स्टेशन फरीदाबाद (Faridabad) में हो सकता है. सराय ख्वाजा (Sarai Khwaja) को फरीदाबाद में नमो भारत का एंट्री प्वाइंट बनाया जा सकता है. बाटा चौक (Bata Chowk) फरीदाबाद का मुख्य औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र (मेट्रो इंटरचेंज के साथ) भी होगा.
बल्लभगढ़ (Vallabhgarh) नमो भारत रूट
वल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह स्टेशन बन सकता है. यह बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और दिल्ली मेट्रो वायलेट लाइन से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी भी देगा. ये हरियाणा के दूसरे नमो भारत स्टेशनों से भी कनेक्ट होगा.
पलवल (Palwal) में नमो भारत
पलवल में परथला (Prithla) बड़ा औद्योगिक इलाका और अपैरल क्लस्टर बनकर उभरा है. पलवल (Palwal) टर्मिनस स्टेशन पर रूट समाप्त होगा. इससे पलवल शहर को दिल्ली से सीधे हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिल जाएगी. इसी इलाके में गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर (61 किमी) भी समानांतर तौर पर प्रस्तावित है, जो बाटा चौक के पास इस रूट से जुड़ेगा. यहां से नमो भारत ट्रेन से सीधे जेवर एयरपोर्ट (Noida International Airport) तक जाने का रास्ता साफ होगा.
फरीदाबाद हरियाणा का सबसे बड़ा औद्योगिक इलाका
फरीदाबाद की स्थापना सन 1607 में सूफी संत बाबा फरीद ने की थी. फरीदाबाद को हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक पावरहाउस माना जाता है। यहां ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, रेफ्रिजरेटर, जूते, टायर, स्विचगियर और कपड़े बनाने वाली घरेलू और इंटरनेशनल कंपनियों के प्लांट हैं. यहां हर साल फरवरी में सूरजकुंड मेला लगता है.अरावली की पहाड़ियों से घिरा यह शहर बड़खल झीलऔर अरावली गोल्फ क्लब जैसी जगहों के लिए जाना जाता है.दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी इसकी कनेक्टिविटी है.
वल्लभगढ़ (Vallabhgarh) का इतिहास
वल्लभगढ़ फरीदाबाद जिले का ही एक प्रमुख उप शहर है.वल्लभगढ़ का नाम सीधे तौर पर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीद राजा नाहर सिंह से हुआ है. उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ डटकर लोहा लिया था. राजा नाहर सिंह महल वल्लभगढ़ की शान है. राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन का अंतिम स्टेशन है. ये बस स्टैंड और बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन के बेहद करीब भी है.
पलवल (Palwal) का इतिहास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पांडवों के काल में यहा पल्वासुर नाम के असुर का राज था. श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम (दाऊजी) ने इनका वध किया था. यहां हर साल बलदेव छठ का मेला लगता है. शहर में ऐतिहासिक दाऊजी मंदिर और पंचवटी मंदिर (पांडवों के अज्ञातवास का स्थल) है. 1919 में रौलेट एक्ट के विरोध में पंजाब जा रहे महात्मा गांधी को ब्रिटिश सरकार ने पलवल रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया था.यहां गांधी आश्रम और एक संग्रहालय भी है.पलवल लॉजिस्टिक्स और अपैरल (कपड़ा) उद्योग का केंद्र है. परथला में कई बड़े इंडस्ट्रियल और वेयरहाउसिंग प्रोजेक्ट हैं.
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