वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि का मामला दिल्ली की कोर्ट ने किया खारिज

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले को खारिज करते हुए टिप्पणी की और कहा कि इस दायर याचिका में ऐसा कुछ नहीं है जिसे आगे बढ़ाया जा सके. इसलिए हम इस मामले को खारिज करते हैं.

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वित्त मंत्री के खिलाफ मानमाहानि मामले को कोर्ट ने खारिज किया
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  • शिकायत आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान की थी
  • लिपिका ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने राजनीतिक लाभ के लिए उनके वैवाहिक विवाद को गलत तरीके से प्रस्तुत किया था
  • कोर्ट ने मामले में कहा कि शिकायत को आगे बढ़ाने का कोई कारण नहीं है और इसलिए इसे खारिज किया गया है
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दिल्ली की एक अदालत ने आपराधिक मानहानि मामले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक बड़ी राहत देते हुए इस मामले को खारिज कर दिया है. आपको बता दें कि वित्त मंत्री के खिलाफ ये शिकायत आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने दी थी. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने इस मामले को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाने का कोई कारण नहीं है. ऐसे में शिकायकर्ता की ये शिकायत खारिज की जाती है. 

2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है मामला

आपको बता दें कि लिपिका मित्रा ने निर्मला सीतारमण के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके और सोमनाथ भारती के खिलाफ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मानहानिकारक, अपमानजनक और लांछन लगाने वाली टिप्पणियां करने और उन्हें प्रकाशित करने का आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए, भारतीय जनता पार्टी की नेता ने मित्रा और भारती के बीच कथित वैवाहिक कलह के बारे में गलत बातें कही थीं.कोर्ट ने मई 2025 में इस मामले में नोटिस जारी किया था.भारती 2024 के चुनावों के लिए नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से AAP के उम्मीदवार थे. उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारती के चुनाव जीतने की संभावनाओं को कमज़ोर करने के लिए उनके खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए थे.

राजनीतिक फायदे के लिए अफवाह फैलाई गई

मित्रा ने अपनी शिकायत में कहा था कि लगभग हर जोड़े की तरह, शिकायतकर्ता और उनके पति के बीच भी कुछ समस्याएं पैदा हो गई थीं. दुर्भाग्यवश, ये समस्याएं इतनी बढ़ गईं कि बात मीडिया ट्रायल वगैरह तक पहुंच गई. लेकिन परिवार के शुभचिंतकों की मदद से, 7 मई 2019 को यह मामला हर तरह से सुलझ गया. तब से, शिकायतकर्ता और उनके पति सोमनाथ भारती अपने बच्चों के साथ खुशी-खुशी रह रहे हैं. यह बात मीडिया में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की गई थी और सभी को इसके बारे में पता चल गया था. लेकिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, आरोपी ने सिर्फ़ शिकायतकर्ता और उनके पति को चोट पहुंचाने के इरादे से—और वह भी सिर्फ़ राजनीतिक फ़ायदे के लिए (ताकि 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP के उम्मीदवार को फ़ायदा हो और शिकायतकर्ता के पति को राजनीतिक नुकसान हो) शिकायतकर्ता और उनके पति के बीच के वैवाहिक मनमुटाव के बारे में बात की, लेकिन उनके फिर से एक होने और खुशी-खुशी साथ रहने की जानकारी छिपा ली. इस शिकायत में यह भी कहा गया कि सीतारमण के बयानों का मकसद उनके पति की प्रतिष्ठा को धूमिल करना और समाज में उनकी सामाजिक स्थिति तथा साख को नुकसान पहुंचाना था.सोमनाथ भारती, जो खुद भी एक वकील हैं, अपनी पत्नी की ओर से पेश हुए. निर्मला सीतारमण की ओर से वकील ज़ोहेब हुसैन पेश हुए. 

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